Edited By Desh sharma, Updated: 31 Jan, 2026 11:18 PM

बैतूल में नायब तहसीलदार के रीडर यादवराव सूर्यवंशी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत चार साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अदालत ने 8 नवंबर 2017 के चर्चित लोकायुक्त ट्रैप प्रकरण में सुनाया।
बैतूल (रामकिशोर पवार):बैतूल में नायब तहसीलदार के रीडर यादवराव सूर्यवंशी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत चार साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अदालत ने 8 नवंबर 2017 के चर्चित लोकायुक्त ट्रैप प्रकरण में सुनाया।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपीओ अभय सिंह ठाकुर ने मामले की पैरवी की, जिसमें डीपीओ एस.पी. वर्मा ने भी सहयोग किया। एडीपीओ अजीत सिंह ने आज हुई सजा की जानकारी दी। यह मामला सोहागपुर के किसान कैलाश अतुलकर से जुड़ा है।
आपको बता दें कि यादवराव सूर्यवंशी ने किसान से खेत का रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए 5,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। किसान ने पहले ही 1,000 रुपए दे दिए थे। शेष 4,000 रुपए लेते हुए सूर्यवंशी को लोकायुक्त पुलिस ने 8 नवंबर 2017 को तहसील कार्यालय परिसर में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
यह कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी नरेंद्र राठौर के नेतृत्व में टीआई वी.के. सिंह और निरीक्षक मयूरी गौर सहित 12 सदस्यीय टीम ने की थी। लंबी सुनवाई के बाद, अदालत ने आरोपी यादवराव सूर्यवंशी को दोषी पाया। उसे न्यायिक हिरासत में लेकर चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील होगी दायर
बचाव पक्ष के अधिवक्ता आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगे। अभियोजन पक्ष ने अदालत में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी और उसे स्वीकार भी किया था।