Edited By meena, Updated: 11 Jun, 2026 01:58 PM

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस उलझी हुई है। चुनाव आयोग से निराशा मिलने के बाद
भोपाल : मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस उलझी हुई है। चुनाव आयोग से निराशा मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट की पहुंची है। वहीं दूसरी ओर भाजपा यह कहकर कांग्रेस को चिढ़ा रही है कि मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी उन्हें कांग्रेस के विभीषण ने दी है। इसी बीच मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने को कांग्रेस की चूक बताने वाले नेता की एक और पोस्ट सामने आई है।
मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित करते ही मानों मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया हो। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया पर साफ शब्दों में आगाह किया था कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा उम्मीदवार चुनने में बहुत बड़ी चूक की जा रही है। हालांकि इस नाराजगी के बाद उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
इधर भाजपा के दिग्गज नेता लगातार सवाल उठा रहे हैं कि घर का भेदी लंका डाए...सीएम मोहन यादव से लेकर कैलाश विजयवर्गीय और खंडेलवाल ने यही कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है और कांग्रेस वहां से डॉक्यूमेंट भोपाल भेजे। लेकिन इसी बीच नरेश ज्ञानचंदानी के पोस्ट करते हुए कहा है कि तेलंगाना की भाजपा ने ही डॉक्यूमेंट भेजे थे न की कांग्रेस ने। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना के भाजपा अध्यक्ष ने हेमंत खंडेलवाल को डॉक्यूमेंट भेजे थे।