Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Apr, 2026 04:05 PM

देश के करोड़ों किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का इंतजार जारी है।
भोपाल: देश के करोड़ों किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का इंतजार जारी है। सरकार की ओर से जल्द ही ₹2000 की अगली किस्त जारी की जा सकती है, लेकिन इस बार नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। ऐसे में कई किसानों के नाम लाभार्थी सूची से बाहर भी किए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बार सिर्फ उन्हीं किसानों को किस्त का लाभ मिलेगा, जिन्होंने सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। वहीं जिन किसानों की ई-केवाईसी, बैंक लिंकिंग या जमीन रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, उनकी किस्त अटक सकती है।
इन कारणों से रुक सकती है 23वीं किस्त
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन किसानों की जानकारी अधूरी या गलत पाई जाएगी, उन्हें इस बार पैसे नहीं मिलेंगे।
ई-केवाईसी अधूरी होना
ई-केवाईसी (e-KYC) योजना के तहत अनिवार्य कर दी गई है। जिन किसानों ने अभी तक फेस ऑथेंटिकेशन या OTP के जरिए KYC पूरी नहीं की है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है।
2. जमीन रिकॉर्ड (Land Seeding) अपडेट न होना
कई किसानों की जमीन का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट नहीं है या सरकारी डेटा से मेल नहीं खाता। ऐसे मामलों में भी भुगतान अटक जाता है।
3. बैंक खाता आधार से लिंक न होना
डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए आधार से लिंक बैंक खाता जरूरी है। यदि खाता बंद है या आधार सीडिंग नहीं हुई है, तो पैसा ट्रांसफर नहीं होगा।
अपात्र किसानों पर भी कार्रवाई
सरकार अब अपात्र लाभार्थियों की पहचान तेजी से कर रही है। जिन परिवारों में कोई आयकर दाता है, सरकारी नौकरी में है या संवैधानिक पद पर कार्यरत है, उन्हें इस योजना से बाहर किया जा रहा है।इसके अलावा एक ही जमीन पर एक से ज्यादा लाभ लेने वाले मामलों की भी जांच हो रही है। कई जगहों पर ऐसे लाभार्थियों से पुराने भुगतान की रिकवरी भी की जा रही है।
कैसे करें अपना स्टेटस चेक?
किसान पीएम किसान पोर्टल पर जाकर Beneficiary Status विकल्प के जरिए अपना स्टेटस देख सकते हैं। यहां यह साफ पता चल जाता है कि आप इस किस्त के लिए पात्र हैं या नहीं और कहीं कोई गलती तो नहीं है।
जरूरी सलाह
किस्त का पैसा समय पर पाने के लिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे तुरंत अपनी ई-केवाईसी, बैंक डिटेल्स और जमीन रिकॉर्ड की जांच कर लें। थोड़ी सी लापरवाही इस बार भारी पड़ सकती है।सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक सहायता पहुंचाना है, इसलिए सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जा रहा है।