Edited By meena, Updated: 17 Feb, 2026 04:34 PM

आरटीआई एक्टिविस्ट नीरज यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रकरण सामने आने के बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर से निष्पक्ष जांच की मांग की है...
भोपाल (इजहार खान) : आरटीआई एक्टिविस्ट नीरज यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रकरण सामने आने के बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
एक्टिविस्ट नीरज यादव ने कहा कि मोदी सरकार की वांछित पीड़ित ग़रीब लोगों के इलाज के लिये चलाई जा रही फ्लैग आयुष्मान योजना में भोपाल म.प्र. के निजी अस्पतालों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के विरुद्ध मेरे द्वारा आरटी लगा कर जानकारी निकाली जाती है और मेरे द्वारा जब इन मेडिकल माफियाओं का काला चिट्टा उजागर किया गया, जिसमें कई हॉस्पिटल सस्पेंड किए गए थे, तब इन मेडिकल माफियाओं के द्वारा मेरे उपर अधिकारियों से मिली भगत कर टूल किट की तरह एससी एसटी बंदे से झूठा मुक़दमा दर्ज कराया गया ताकि मेरे उपर दबाब बनाकर इन मेडिकल जिहादी माफियाओं को संरक्षण दिया जा सके और इन मेडिकल जिहादी माफियाओं के द्वारा जो भ्रष्टाचार किया गया है उसको छिपाया हा सके।
उन्होंने उम्मीद जताते हुए सरकार से मांग की कि मेरे खिलाफ़ दर्ज की गई झूठी एफ़आईआर कि उच्य अधिकारियों द्वारा जांच कराई जाए। मांग की जा रही है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी प्रकार का दबाव या पक्षपात न हो। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद विधि अनुसार जांच की जा रही है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल यह मामला चर्चा में है और सभी की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।