Edited By meena, Updated: 13 May, 2026 12:22 PM

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने जा रही है। इस बार सरकार 1800 करोड़ रुपए बाजार से उधार लेगी...
भोपाल : मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने जा रही है। इस बार सरकार 1800 करोड़ रुपए बाजार से उधार लेगी। इससे पहले सरकार ने अप्रैल महीने में ही 4600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, मोहन सरकार ने “7.86% मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण 2042” के सरकार 1800 करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। इसमें 1200 करोड़ रुपए और 600 करोड़ रुपए के दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण (SDL) शामिल हैं। जिसका भुगतान आज किया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी बॉन्ड की अवधि 16 वर्ष तय की गई है और इसकी मैच्योरिटी 15 अप्रैल 2042 को होगी। निवेशकों को इस पर 7.86 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। ब्याज का भुगतान हर वर्ष 15 अक्टूबर और 15 अप्रैल को अर्धवार्षिक आधार पर किया जाएगा।
सरकार द्वारा लिया जा रहा कर्ज 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा, जबकि इसकी नीलामी 12 मई 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय के माध्यम से की गई थी। जिसकी नीलामी प्रक्रिया RBI के ई-कुबेर (E-Kuber) सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन की हुई। कर्ज बॉन्ड की अवधि 16 वर्ष तय की गई है और इसकी मैच्योरिटी 15 अप्रैल 2042 को होगी। राज्य सरकार इसके लिए 7.86 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के हिसाब से हर वर्ष 15 अक्टूबर और 15 अप्रैल को अर्धवार्षिक आधार पर भुगतान करेगी।
वहीं सरकार का कहना है कि इस कर्ज राशि से वे राज्य की उत्पादक विकास योजनाओं और विभिन्न परियोजनाओं के उपयोग करेंगे। जिसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति ले ली गई है। बता दें कि राज्य सरकार पर 31 मार्च 2025 तक कुल 4 लाख 14 हजार 611.56 करोड़ रुपए का ऋण बकाया है। इसमें बाजार, वित्तीय संस्थानों और केंद्र सरकार से लिया गया कर्ज शामिल हैं।