Edited By Vandana Khosla, Updated: 02 Jun, 2026 09:36 AM

ग्वालियरः मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य के कई जिलों में से घूस से जुड़ी खबरें सामने आ रही है। लोकायुक्त के एक्शन के बावजूद भष्टाचार अंतिम चरण है। ताजा मामला भिंड में से सामने आया है। यहां पदस्थ एक नापतौल निरीक्षक को...
ग्वालियरः मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य के कई जिलों में से घूस से जुड़ी खबरें सामने आ रही है। लोकायुक्त के एक्शन के बावजूद भष्टाचार अंतिम चरण है। ताजा मामला भिंड में से सामने आया है। यहां पदस्थ एक नापतौल निरीक्षक को पेट्रोल पंप की स्टांपिंग के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजनलाल शर्मा ने बताया कि भिंड जिले के ग्राम पुर निवासी पेट्रोल पंप संचालक तेजनारायण सिंह ने शिकायत की थी कि नापतौल निरीक्षक सौरभ शर्मा ने पेट्रोल पंप की स्टांपिंग कराने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी निरीक्षक 26 मई को 22 हजार 500 रुपये पहली किस्त के रूप में ले चुका था। शेष 27 हजार 500 रुपये की राशि लेने के लिए उसने आवेदक को बुलाया था।
इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए ग्वालियर स्थित नापतौल निरीक्षक कार्यालय में आरोपी सौरभ शर्मा को 27 हजार 500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।