लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप! प्राचार्य ऑफिस में ही 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया

Edited By Himansh sharma, Updated: 29 May, 2026 08:41 PM

lokayukta traps government school principal in 10k bribery case

मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल के प्राचार्य को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

इंदौर। (सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल के प्राचार्य को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक निजी स्कूल के खिलाफ हुई शिकायत की जांच खत्म करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को उसके कार्यालय से पकड़ लिया। मामला संयोगितागंज स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बालक क्रमांक-1 का है, जहां प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी राजकुमार चलानी को लोकायुक्त टीम ने 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया।

इस मामले में फरियादी रवि जायसवाल ने शिकायत की थी। रवि, द इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल के संचालक हैं। रवि ने अपनी शिकायत में बताया था कि उनके स्कूल के खिलाफ एक बच्चे के पिता ने टीसी नहीं दिए जाने की शिकायत की थी। बच्चे की फीस के 1200 रुपए बाकी थे, जिसकी शिकायत बच्चे के परिजनों ने संकूल प्रभारी से की थी। इस मामले की जांच करने संकूल प्राचार्य राजकुमार चलानी स्कूल पहुंचे थे। आरोप है कि शिकायत के निराकरण और मामला खत्म करने के बदले प्राचार्य चलानी 10 हजार रुपए रिश्वत मांग रहे थे।

लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप की योजना तैयार की गई। आरोपी ने फरियादी को अपने कार्यालय बुलाया और जैसे ही 10 हजार रुपए की रिश्वत ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत कार्रवाई जारी है, जबकि लोकायुक्त टीम मामले की आगे जांच कर रही है।

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