अब बागेश्वर बाबा के खजाने में विदेशों से भी आएगा पैसा! जन सेवा संस्था को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी

Edited By meena, Updated: 16 Apr, 2026 12:59 PM

bageshwar jan seva sanstha receives central government approval for foreign fund

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की संस्था श्री बागेश्वर जन सेवा समिति को विदेशों से भी अनुदान लेने की मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी उनकी संस्था के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत...

भोपाल : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की संस्था श्री बागेश्वर जन सेवा समिति को विदेशों से भी अनुदान लेने की मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी उनकी संस्था के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत मिली है। सरकार ने बागेश्वर बाबा को अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण प्रदान कर दिया है, जिससे यह धार्मिक संगठन अब विदेशी धन प्राप्त करने का पात्र हो गया है।

यह समिति 29 वर्षीय कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में संचालित हो रही है। इस संस्था को एक धार्मिक (हिंदू), सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक संगठन के रूप में वर्णित किया गया है। बागेश्वर धाम की वेबसाइट के अनुसार, समिति ही वह खाता धारक है, जिसके माध्यम से लोग संगठन द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के समर्थन के लिए योगदान कर सकते हैं। यह संगठन उन 38 संस्थाओं में शामिल है, जिन्हें इस वर्ष गृह मंत्रालय ने विदेशी धन प्राप्त करने की अनुमति दी है। इनमें रामकृष्ण मठ बोलपुर, कर्नाटक में श्री रामकृष्ण शारदा आश्रम, पूर्णिया में रामकृष्ण मठ, नयी दिल्ली के जनकपुरी में शिखर धवन फाउंडेशन, एनआईआईटी फाउंडेशन और एचसीएल फाउंडेशन सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।

बता दें कि एफसीआरए के तहत पंजीकरण किसी भी व्यक्ति या संस्था के लिए विदेशी अंशदान प्राप्त करने के लिए अनिवार्य होता है। इसके लिए संबंधित संस्था का स्पष्ट सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षिक, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम होना चाहिए और वह एफसीआरए के तहत प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं होनी चाहिए। एफसीआरए के तहत यह पंजीकरण पांच वर्षों के लिए वैध होता है। वर्तमान में लगभग 16,000 संस्थाएं एफसीआरए के तहत पंजीकृत हैं और वे हर वर्ष करीब 22,000 करोड़ रुपये का विदेशी अंशदान प्राप्त करती हैं, जैसा कि हाल ही में अधिनियम में संशोधन से जुड़े विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण में बताया गया है। 

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