Edited By Desh Raj, Updated: 10 May, 2026 11:17 PM

प्रदेश और देश में चर्चित मध्य प्रदेश के 90 डिग्री एंगल वाले ब्रिज के मामले में एक नया फैसला हुआ है। प्रदेश सरकार ने 90 डिग्री एंगल वाले रेलवे ओवरब्रिज मामले में अहम फैसला लेते हुए सस्पेंडिड सभी 7 इंजीनियर्स की बहाली कर दी है
(भोपाल): प्रदेश और देश में चर्चित मध्य प्रदेश के 90 डिग्री एंगल वाले ब्रिज के मामले में एक नया फैसला हुआ है। प्रदेश सरकार ने 90 डिग्री एंगल वाले रेलवे ओवरब्रिज मामले में अहम फैसला लेते हुए सस्पेंडिड सभी 7 इंजीनियर्स की बहाली कर दी है और इन सभी को ईएनसी ऑफिस में पोस्टिंग भी दे दी है। हालांकि कुछ इंजीनियर्स के खिलाफ बहाली होने के बाद भी जांच चलती रहेगी.
90 डिग्री वाले ब्रिज ने बटोरी थी काफी सुर्खियां
दरअसल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 90 डिग्री वाले ब्रिज ने बहुत सी सुर्खियां बटोरी थी। ओवरब्रिज अपने डिजाइन को लेकर देश भर में चर्चा में आ गया था और इसको लेकर सरकार के साथ ही PWD की खूब किरकिरी हुई थी। जब मामले मे तूल पकड़ा और इसको लेकर विवाद उठने लगा तो मुख्यमंत्री ने कार्रवाई करते हुए इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया था।इसे एक बड़ा कदम माना गया था। लेकिन अब सरकार ने भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज केस के सस्पेंड किए सभी 7 इंजीनियर्स की बहाली कर दी है, इनकी बहाली के लिए मंत्री राकेश सिंह ने मंजूरी दी है, अब ये ईएनसी ऑफिस में पदस्थ होंगे
चीफ इंजीनियर संजय खांडे, प्रभारी ईई शबाना रज्जाक और सहायक यंत्री शानुल सक्सेना को बहाल किया गया है । पीडब्ल्यूडी के ब्रिज डिवीजन से जुड़े तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा, SDM रवि शुक्ला और असिस्टेंट इंजीनियर उमाशंकर मिश्रा के खिलाफ बहाली के बाद भी विभागीय जांच जारी रहेगी.
क्यों बहाल किए गए इंजीनियर?
इंजीनियरों की बहाली को लेकर दिलचिस्प वजह सामने आ रही है। विभाग में पहले से इंजीनियरों की कमी है और निलंबन अवधि में वेतन भी मिल ही रहा है, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह के प्रस्ताव पर विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने इन इंजीनियरिंग की बहाली को मंजूरी दे दी।लेकिन गौर करने वाली बात है कि क्लीनचिट किसी को नहीं दी गई है, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। लिहाजा ये फैसला कई सवाल खडे कर रहा है।