Edited By Desh sharma, Updated: 04 Feb, 2026 06:00 PM

मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पड़ोसी राज्य गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से प्रभावित 25,600 से अधिक परिवारों को आवंटित प्लाटों के नि:शुल्क पंजीकरण के लिए मंजूरी दे दी है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पड़ोसी राज्य गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से प्रभावित 25,600 से अधिक परिवारों को आवंटित प्लाटों के नि:शुल्क पंजीकरण के लिए मंजूरी दे दी है।
विस्थापित परिवारों के हक में माना जा रहा ऐतिहासिक फैसला
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया। इसे मध्य प्रदेश सरकार का सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित हुए परिवारों के हक में एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।MP सरकार अब इन परिवारों को आवंटित रिहायशी प्लॉट की स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस खुद भरेगी। जाहिर बात है इससे राज्य सरकार पर बोझ भी पड़ेगा।
रिहायशी प्लॉट के मुफ्त रजिस्ट्रेशन को मंजूरी प्रदान
मध्य प्रदेश सरकार ने गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से राज्य में प्रभावित 25 हजार 600 से ज्यादा परिवारों को अलॉट किए गए हैं और रिहायशी प्लॉट के मुफ्त रजिस्ट्रेशन को मंजूरी दे दी है। सीएम मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में लिए इस फैसले को बड़े फैसलों में से एक माना जा रहा है। इसके अलावा मैहर और कटनी जिलों के लिए नई सिंचाई परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में रहने वाले परिवारों को फायदा
इस फैसले के तहत, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के अनुसार देय रजिस्ट्रेशन फीस और स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा. सरकार के इस निर्णय से विस्थापित हुए MP के अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन और धार जिलों में रहने वाले करीब 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा।
आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि गुजरात में बने बांध की वजह से मध्यप्रदेश के इन जिलों के कुछ इलाके जलमग्न हो गए थे।वहीं सरकार के इस बड़े फैसले के बाद प्रदेश सरकार पर 600 करोड़ रुपये के वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। अब पंजीकरण शुल्क और स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।