Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Feb, 2026 06:23 PM

कभी-कभी एक छोटा सा क्लिक जिंदगी बदल देता है।
मुरैना। कभी-कभी एक छोटा सा क्लिक जिंदगी बदल देता है। मुरैना जिले के रवि कुमार शर्मा ने 19 अक्टूबर 2020 को मुरैना से निजामुद्दीन जाने के लिए भोपाल एक्सप्रेस का ऑनलाइन टिकट बुक किया था। टिकट के साथ महज 45 पैसे का ट्रेवल इंश्योरेंस भी लिया। उन्हें क्या पता था कि यही 45 पैसे का बीमा उनके परिवार के लिए 10 लाख रुपए का सहारा बनेगा।
अंधेरा, बारिश और एक दर्दनाक हादसा
21 अक्टूबर 2020 की रात करीब 3:20 बजे मुरैना रेलवे स्टेशन पर तेज बारिश हो रही थी। बिजली गुल थी, प्लेटफॉर्म पर कोच नंबर दिखाने वाला डिस्प्ले बोर्ड बंद पड़ा था। रवि कुमार अपने आवंटित डी-1 कोच तक पहुंचे, लेकिन दरवाजा बंद मिला। वे दरवाजा खुलवाने की कोशिश ही कर रहे थे कि ट्रेन अचानक चल पड़ी। पायदान पर चढ़ चुके रवि कुमार का पैर फिसल गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। उन्हें तुरंत 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बीमा कंपनी की टालमटोल, परिवार पहुंचा उपभोक्ता आयोग
पत्नी मनीषा शर्मा ने घटना की सूचना आईआरसीटीसी को दी। निर्देश के अनुसार अगस्त 2021 में बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस में सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ क्लेम दाखिल किया। इसके बावजूद कंपनी ने भुगतान नहीं किया। कभी दस्तावेज अधूरे बताकर तो कभी अन्य बहाने बनाकर मामला टालती रही। जनवरी 2022 में दोबारा दस्तावेज जमा किए गए, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार 30 सितंबर 2022 को मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल (बेंच-2) पहुंचा।
आयोग का बड़ा फैसला: 10 लाख + ब्याज + मुआवजा
सुनवाई के बाद आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह और सदस्य अंजुम फिरोज ने बीमा कंपनी को कड़ी फटकार लगाते हुए आदेश दिया:
10 लाख रुपए बीमा राशि
परिवाद दायर करने की तारीख से 7% वार्षिक ब्याज
मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए 10 हजार रुपए
मुकदमे का खर्च 5 हजार रुपए
2 माह में भुगतान नहीं करने पर 9% ब्याज लागू होगा
आयोग ने माना कि: मृतक के पास वैध रेल टिकट और ट्रेवल इंश्योरेंस था। दुर्घटना यात्रा के दौरान हुई.. सभी जरूरी दस्तावेज बीमा कंपनी को दिए गए। भुगतान न करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा है,IRCTC की भूमिका टिकट बुकिंग तक सीमित थी।