Edited By meena, Updated: 02 Feb, 2026 06:45 PM

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला छिंदवाड़ा से सामने आया है, जहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर ने दिव्यांग नर्सिंग...
छिंदवाड़ा (साहुल सिंह): मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला छिंदवाड़ा से सामने आया है, जहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर ने दिव्यांग नर्सिंग ऑफिसर से पदस्थापना के बदले रिश्वत की मांग की गई। लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोप को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
पदस्थापना के बदले मांगी गई थी रिश्वत
दरअसल, पीड़िता पुष्पा वडघरे नर्सिंग ऑफिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला के ब्लॉक पिण्डरईकला में पदस्थ हैं। उन्होंने लोकायुक्त को शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में कराने के बदले कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
लोकायुक्त की जाल बिछाकर कार्रवाई
पीड़िता ने 22 जनवरी को जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। सोमवार को NHM के सीएमएचओ कार्यालय में दबिश देते हुए आरोपी जितेंद्र यदुवंशी को रिश्वत की रकम लेते ही धर दबोचा गया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कलेक्टर के निर्देश भी नहीं माने
मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे ने पहले सीएमएचओ कार्यालय में अटैचमेंट के लिए आवेदन दिया था। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ को अटैचमेंट के निर्देश भी दिए थे। लेकिन जब पीड़िता आदेश लेकर कार्यालय पहुंची, तब भी कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा रिश्वत की मांग की गई।