Action Mode में BJP प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी में अंदरूनी खींचतान पर लगेगा ब्रेक! कहा - संगठन से बड़ा कोई नहीं

Edited By Himansh sharma, Updated: 30 May, 2026 12:15 PM

bjp chief in action mode sends strong message against factionalism

मध्यप्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं-नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए अब जमीनी स्तर पर सक्रिय पहल शुरू कर दी है।

हरदा। मध्यप्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं-नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए अब जमीनी स्तर पर सक्रिय पहल शुरू कर दी है। इसी रणनीति के तहत हरदा में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक ने राजनीतिक गलियारों में कई संदेश छोड़ दिए हैं। खास बात यह रही कि बैठक की कमान स्वयं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने संभाली, जिससे इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसकी संगठनात्मक एकजुटता है। उन्होंने संवाद, समन्वय और सामूहिक नेतृत्व की भावना को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना केवल एकजुट होकर ही किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, हरदा में पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच तालमेल को लेकर उठ रहे सवालों के मद्देनजर यह बैठक आयोजित की गई थी। प्रदेश नेतृत्व का उद्देश्य किसी भी प्रकार की दूरी या मतभेद को समाप्त कर संगठन को एक दिशा में आगे बढ़ाना है। बैठक में मौजूद नेताओं ने भी संगठन हित को सर्वोपरि बताते हुए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व मंत्री Kamal Patel, पूर्व विधायक Sanjay Shah, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष अमरसिंह मीणा और राधेश्याम डूडी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। नेताओं की मौजूदगी ने बैठक को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश भाजपा अब उन जिलों पर विशेष फोकस कर रही है, जहां संगठन के भीतर बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस की जा रही है। हरदा से शुरू हुई यह पहल आने वाले दिनों में अन्य जिलों तक भी पहुंच सकती है। प्रदेश अध्यक्ष की सक्रियता यह संकेत देती है कि भाजपा आगामी चुनावी और संगठनात्मक कार्यक्रमों से पहले हर स्तर पर संगठन को मजबूत और एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रही है।

हरदा की यह बैठक केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं, बल्कि प्रदेश नेतृत्व की उस सोच का संकेत भी है, जिसमें संवाद को विवाद पर और संगठन को व्यक्तिगत मतभेदों पर प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि बैठक के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच नए उत्साह और सकारात्मक संदेश की चर्चा तेज हो गई है।

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