मध्य प्रदेश के मंत्रीमंडल विस्तार में हो सकता है बदलाव, वरिष्ठ नेता के बयान से बदले समीकरण, इन नामों पर संकट

Edited By Desh Raj, Updated: 19 Apr, 2026 10:36 PM

changes possible in madhya pradesh cabinet expansion

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही अपनी टीम में नए चेहरों को मौका देने जा रही है।सीएम मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं चरम पर पहुंच चुकी हैं।

(भोपाल): मध्यप्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही अपनी टीम में नए चेहरों को मौका देने जा रही है।सीएम मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं चरम पर पहुंच चुकी हैं।   

चार खाली पदों के लिए मची होड़

मौजूदा समय में एमपी कैबिनेट में 31 मंत्री हैं, और नियमों के मुताबिक चार पद अभी भी खाली हैं। सरकार की योजना इन पदों को भरकर 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को साधने की है। चर्चा है कि कुछ ‘नॉन-परफॉर्मिंग’ मंत्रियों की छुट्टी कर उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है, जबकि कुछ वरिष्ठों को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिल सकती है।

इन नामों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म,भार्गव का बयान बना बवंडर

जानकारी के मुताबिक कैबिनेट की नई लिस्ट में अनुभव के साथ नए जोश का मिश्रण देखने को मिलने की संभावना है। 8 बार के विधायक गोपाल भार्गव वैसे अनुभव के आधार पर रेस में सबसे आगे हैं लेकिन बाह्राण सम्मेलन में दिए गए बयान के बाद समीकरण बदलने की उम्मीद जताई जा रहा है। सागर में दिए गए बयान में भार्गव ने जाति को पार्टी के उपर बताया है जिससे उनके पद पर पर संकट मंडरा सकता है।

वहीं दूसरी ओर इंदौर से मालिनी गौड़ और बुरहानपुर से अर्चना चिटनीस के नाम पर विचार संभव है। इस कोटे से बृजेंद्र सिंह यादव को फिर से मौका मिल सकता है। शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया, कमलेश शाह और आदिवासी कोटे से कुछ वरिष्ठ विधायकों के नाम भी सुर्खियों में हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!