Edited By Desh Raj, Updated: 07 Feb, 2026 12:10 AM

कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जिनकी सादगी और अंदाज ही अलग होता है। इसी कड़ी में अशोकनगर जिले के कलेक्टर साकेत मालवीय के चर्चे हो रहे हैं उनकी सादगी और सरलपन के लिए। कलेक्टर साकेत मालवीय का सादगी का एक अंदाज स्कूल के औचक निरिक्षण के दौरान देखने को...
(अशोकनगर): कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जिनकी सादगी और अंदाज ही अलग होता है। इसी कड़ी में अशोकनगर जिले के कलेक्टर साकेत मालवीय के चर्चे हो रहे हैं उनकी सादगी और सरलपन के लिए। कलेक्टर साकेत मालवीय का सादगी का एक अंदाज स्कूल के औचक निरिक्षण के दौरान देखने को मिला। एक ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में औचक निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर को अपने बचपन की याद आ गई और वो बच्चों को देख खुद भी हाथ जोड़कर खड़े हो गए।
कलेक्टर साकेत मालनीय को आई बचपन की याद
कलेक्टर साकेत मालवीय जब स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे तो उस समय बच्चे प्रार्थना कर रहे थे। बस फिर क्या था बच्चों को प्रार्थना करते हुए देख मालवीय अपने बचपन के दिनों में पहुंच गए। कलेक्टर खुद भी बच्चों के साथ हाथ जोड़कर प्रार्थना करने लगे। इस नजारे को देखकर कलेक्टर के इस अंदाज की तारीफ होने लगी। हर कोई उनकी इस सादगी की सराहना कर रहा है।
सादगी और सरलता की हो रही तारीफ
जानकारी के मुताबित शुक्रवार को अशोकनगर कलेक्टर जिला मुख्यालय से लगे मोहरी गांव पहुंचे थे। कलेक्टर ने इस दौरान आंगनवाडी केन्द्र, गौशाला, शासकीय माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। लेकिन जब कलेक्टर माध्यमिक शाला के निरीक्षण के लिए पहुंचे तो वहां स्कूली विद्यार्थियों को देखकर अपने स्कूली दिनों की यादों में खो गए और होकर प्रार्थना कर रहे बच्चों के साथ हाथ जोड़कर खड़े हो गए । आजकल कलेक्टर मालवीय लगातार शासकीय विभागों का निरीक्षण कर रहे हैं। मोहरी राय में उन्होंने केन्द्रों पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। लिहाजा मालवीय की सादगी और सरलपन इस निरीक्षण के दौरान चर्चा का विषय बन गया।