क्या बाबा मुझे बुलाएंगे? सोचते ही गूंजा नाम, धीरेंद्र शास्त्री ने ASI का पर्चा बनाया तो सब रह गए हैरान

Edited By Himansh sharma, Updated: 06 Feb, 2026 11:06 AM

dhirendra shastri calls on duty asi reveals daughter s illness

बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में एक बार फिर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने मौजूद हजारों श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया।

सतना। बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में एक बार फिर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने मौजूद हजारों श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया। नेता, अभिनेता या आम भक्त ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात खाकी वर्दी वाला पुलिसकर्मी भी बाबा की दृष्टि से नहीं बच पाया। सतना जिले के नागौद ब्लॉक स्थित शिवराजपुर में चल रही हनुमंत कथा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात ASI सुरेंद्र कुमार को धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से ही इशारा कर बुला लिया। हैरानी की बात यह रही कि बाबा ने उनके मन में चल रही शंका तक शब्दों में कह दी।

क्या बाबा मुझे बुलाएंगे?—और तभी लग गई आवाज

कथा पंडाल में ड्यूटी कर रहे ASI सुरेंद्र कुमार (पदस्थापना: धारकुंडी थाना, सतना) के मन में यह विचार आया कि वे ड्यूटी पर हैं, इतनी भीड़ में बाबा तक पहुंच पाना मुश्किल होगा। उन्होंने मन ही मन सोचा—क्या बाबा मुझे बुलाएंगे? और ठीक उसी क्षण मंच से धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें भीड़ के बीच से अपने पास बुला लिया। मुस्कुराते हुए बाबा ने कहा— तुम यही सोच रहे थे न कि हमें बुलाएंगे या नहीं? यह सुनते ही ASI भावुक हो गए। बिना बताए बेटी की बीमारी बता दी मंच पर पहुंचते ही जब समस्या पूछी गई, तो ASI ने बेटी की परेशानी का जिक्र किया। इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पर्चा पढ़ना शुरू किया और बिना किसी जानकारी के उनकी बेटी की बीमारी का सटीक उल्लेख कर दिया।

बाबा ने कहा—

तुम बेटी का विषय लेकर आए हो। उसे फिट की समस्या है, दो-तीन बार झटके आए हैं। ब्रेन में हल्की दिक्कत है, लेकिन पूरी तरह ठीक हो जाएगी। यह बीमारी लौटकर नहीं आएगी।”
मंत्र भी, मेडिकल भी स्पष्ट सलाह

धीरेंद्र शास्त्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि झाड़ा-दरबार किया जाएगा, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया— मंत्र चिकित्सा करेंगे, लेकिन डॉक्टरी इलाज भी जरूर चलाना है। एक-एक शब्द सच है — ASI सुरेंद्र कुमार पर्चा सुनते ही ASI सुरेंद्र कुमार भावुक हो गए। माइक पर उन्होंने कहा— महाराज जी, आपने जो-जो बताया, वह 100 प्रतिशत सत्य है। मुझे विश्वास था, लेकिन मन में संशय भी था। आपने मेरी आत्मा की बात सुन ली। इसके बाद पूरा पंडाल बालाजी महाराज के जयकारों से गूंज उठा।

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