अचानक दिग्विजय सिंह ने क्यों छोड़ दिया X और अपना मोबाइल? 20 अक्टूबर से क्या होने वाला है?

Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Jul, 2026 03:52 PM

digvijaya singh leaves x before ayodhya yatra

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी प्रस्तावित पदयात्रा अब 20 अक्टूबर, यानी विजयदशमी के दिन उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से शुरू होगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक जीवन से जुड़ा एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट और निजी मोबाइल नंबर का संचालन अपने कार्यालय को सौंप दिया है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि आगामी 20 अक्टूबर से शुरू होने वाली उज्जैन से अयोध्या पदयात्रा के दौरान वे स्वयं सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे और न ही किसी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा बनेंगे। दिग्विजय सिंह का पहले digvijaya_28 नाम से संचालित होने वाला X अकाउंट अब Office of Digvijaya Singh के नाम से संचालित किया जाएगा। वहीं, उनका निजी मोबाइल नंबर भी अब उनके सचिव सचिन वत्स संभालेंगे। इस संबंध में दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि अब इस नंबर पर आने वाले सभी महत्वपूर्ण संदेश और सूचनाएं उनके सचिव तक पहुंचेंगी, जो आवश्यक जानकारी उन्हें उपलब्ध कराते रहेंगे।

दशहरे से शुरू होगी 1000 किलोमीटर की पदयात्रा

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी प्रस्तावित पदयात्रा अब 20 अक्टूबर, यानी विजयदशमी के दिन उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से शुरू होगी। पहले यह यात्रा 2 अक्टूबर से प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव करते हुए इसे दशहरे के शुभ अवसर पर आरंभ करने का निर्णय लिया गया।

यह पदयात्रा उज्जैन से अयोध्या तक लगभग एक हजार किलोमीटर की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा किसी भी राजनीतिक दल के बैनर तले आयोजित नहीं होगी और इसका उद्देश्य राजनीतिक अभियान चलाना नहीं है।

'अब राजनीति नहीं, धर्म की रक्षा मेरा उद्देश्य'

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अब 80 वर्ष के हो चुके हैं और सार्वजनिक जीवन में पार्टी ने उन्हें अनेक अवसर दिए हैं। उनके अनुसार अब समय नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से भी आग्रह किया है कि भविष्य में अन्य लोगों को अवसर दिया जाए, जबकि वे स्वयं आगे धर्म और सामाजिक विषयों पर कार्य करेंगे।

सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानबाजी से दूरी

दिग्विजय सिंह ने साफ किया कि पदयात्रा के दौरान वे न तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहेंगे और न ही किसी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी करेंगे। यात्रा के दौरान उनके सभी डिजिटल माध्यमों का संचालन कार्यालय की टीम करेगी।

राम मंदिर चंदे के मुद्दे को बनाएंगे प्रमुख विषय

इस यात्रा का मुख्य विषय राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र  किए गए चंदे और मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे की पारदर्शिता रहेगा। दिग्विजय सिंह का कहना है कि उन्होंने स्वयं राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का योगदान दिया था। उनका आरोप है कि मंदिर निर्माण और चढ़ावे से जुड़े वित्तीय मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर अयोध्या की अदालत में आवश्यक याचिका दायर करेंगे और दान राशि का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग करेंगे। उन्होंने उन श्रद्धालुओं से भी यात्रा में शामिल होने की अपील की है जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था।

कारसेवक संतोष दुबे होंगे मुख्य अतिथि

दिग्विजय सिंह ने बताया कि इस यात्रा में किसी बड़े राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इसके बजाय अयोध्या आंदोलन के दौरान घायल हुए कारसेवक संतोष दुबे को यात्रा का मुख्य अतिथि बनाया जाएगा। उनके अनुसार यह यात्रा धार्मिक आस्था, पारदर्शिता और जनभागीदारी का संदेश देने का प्रयास होगी।

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