Edited By meena, Updated: 02 Feb, 2026 01:30 PM

पिछले कुछ दिनों से सोने चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट आ रही है। लोग टेंशन में थे कि बजट 2026 के बाद भी सोना चांदी की कीमतों में क्रैश देखने को मिलेगा या यह सिलसिला थम जाएगा...
भोपाल : पिछले कुछ दिनों से सोने चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट आ रही है। लोग टेंशन में थे कि बजट 2026 के बाद भी सोना चांदी की कीमतों में क्रैश देखने को मिलेगा या यह सिलसिला थम जाएगा। लेकिन बजट के दिन भर-भराकर टूटने के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों (सोना-चांदी) और सस्ती हो गए। इसलिए अगर आप सोना-चांदी खरीदना चाहते हो तो आपको इसके लिए थोड़े कम पैसे खर्च करने पड़ेंगे। बजट के दूसरे और सप्ताह के पहले दिन 2 फरवरी को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है।
चांदी 18,000 रुपये तक सस्ती, सोने के भाव भी गिरे
घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोमवार, 2 फरवरी को सोने और चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Multi Commodity Exchange (MCX) पर 5 फरवरी 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर 1,39,868 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। पिछले कारोबारी दिन यह 1,42,510 रुपये पर बंद हुआ था। सुबह करीब 10 बजे सोना गिरकर 1,35,589 रुपये तक आ गया, यानी करीब 6,900 रुपये की तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सोने ने 1,41,085 रुपये का उच्च स्तर भी छुआ।
वहीं चांदी की कीमतों में भी भारी कमजोरी दिखी। MCX पर 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाली सिल्वर 2,48,875 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से लगभग 16,700 रुपये कम है। शुरुआती सत्र में चांदी 2,67,501 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंची थी।
बजट 2026 के पेश होने के बाद सोमवार को भी सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं के दाम तेजी से नीचे आए। सुबह के समय सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम पर करीब 2,289 रुपये की कमी दर्ज की गई, जिसके बाद 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 1,45,464 रुपये के स्तर पर आ गई। चांदी की कीमतों में तो और भी ज्यादा 'क्रैश' देखने को मिला है। सोमवार को चांदी 18,355 रुपये तक सस्ती हो गई, जिससे इसका भाव घटकर 2,47,297 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।
क्यों गिर रहे धातुओँ के दाम
- सोना और चांदी ने बजट से पहले रिकॉर्ड उच्च स्तर तक तेजी दिखायी थी। जब किसी संपत्ति की कीमत बहुत ऊंची हो जाती है, तो निवेशक अपने फायदे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली करते हैं। इसीलिए अचानक गिरावट आ रही है।
- जब बहुत सारे निवेशक एक साथ बेचते हैं, तो कीमतें तेज़ी से नीचे आती हैं।
2. डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक संकेत
अमेरिकी डॉलर की बढ़त सोने-चांदी जैसे कमोडिटीज़ पर दबाव डालती है क्योंकि ये डॉलर में कारोबार होती हैं। खासकर संभावित कठिन मौद्रिक नीति (जैसे यह संभावना कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व दरों के प्रति कड़ा रहेगा) ने डॉलर को मजबूत किया है, और इससे दाम गिरते हैं।
3. CME (फ्यूचर्स एक्सचेंज) ने margin requirements बढ़ा दी
Chicago Mercantile Exchange ने सोना और चांदी के वायदा (futures) पर मार्जिन रेक्वायरमेंट बढ़ा दी है। इसका मतलब यह हुआ कि ट्रेडर्स को अधिक पैसा जमा करना पड़ता है।
इससे कुछ निवेशकों को अपनी पोज़िशन बेचनी पड़ी, जिससे गिरावट और तेज़ हुई।
4. बजट से पहले import duty speculation
बजट के बारे में अफ़वाहों और उम्मीदों के चलते कुछ लोग सोच रहे थे कि सरकार सोने-चांदी पर import duty (आयात शुल्क) घटा सकती है। ऐसे में कुछ निवेशकों ने जल्दी बेच दिया ताकि बाद में सस्ता वापस खरीद सकें। यह भी दामों पर दबाव डालता है।
5. कमोडिटी मार्केट में संतुलन की वापसी
क्योंकि सोना-चांदी ने पिछले कुछ समय में कीमतों में बहुत तेज़ी से बढ़ोतरी देखी थी, बाजार को अब संतुलन (correction) की ज़रूरत महसूस हुई — कुछ गिरावट होती है ताकि तेजी के बाद तनाव कम हो सके।