Edited By Desh sharma, Updated: 24 Jan, 2026 07:48 PM

शहडोल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हाईटेंशन लाइन राजनीति का हथियार बन गई। लाइन को बदलने लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया जाने लगा लेकिन इस बीच लोगों ने हंगामा कर दिया।
शहडोल (कैलाश लालवानी): शहडोल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हाईटेंशन लाइन राजनीति का हथियार बन गई। लाइन को बदलने लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया जाने लगा लेकिन इस बीच लोगों ने हंगामा कर दिया।
हाईटेंशन लाइन बिछाने के कार्य में राजनीतिक दबाव
दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर नगर परिषद बकहो में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब बिजली विभाग द्वारा 33 केवी की हाईटेंशन लाइन बिछाने के कार्य में कथित राजनीतिक दबाव और नियमों की अनदेखी के आरोप लगे। ग्रामीणों ने भाजपा नेता के परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए लाइन का रास्ता बदले जाने का आरोप लगाते हुए कार्य को मौके पर ही रुकवा दिया। इससे मामला काफी चर्चित हो गया।

33 केवी लाइन का बदला गया रास्ता

मध्य प्रदेश विद्युत वितरण लिमिटेड बुढ़ार द्वारा नगर पालिका धनपुरी के लिए बकहो से बुढ़ार होते हुए 33 केवी लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन धनपुरी वार्ड क्रमांक-2 स्थित प्रस्तावित वाटर पार्क तक जा रही है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत वाले इस कार्य का ठेका धनपुरी की मैसर्स अजहर फर्म को दिया गया है।
लाइन को एनएच-43 के डिवाइडर के बीच से कराया गया क्रॉस
आरोप है कि सर्वे और स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार लाइन को सड़क के एक किनारे से जाना था, लेकिन अचानक उसे मोड़कर एनएच-43 के डिवाइडर के बीच से क्रॉस कराया जाने लगा। नगरवासियों का आरोप है कि भाजपा नेता और उनके पति के बकहो स्थित भूखंड के सामने से हाईटेंशन लाइन न जाए, इसी के चलते लाइन का रास्ता बदला गया। क्योंकि ये लाइन उनके भूखंड के सामने से गुजरती, तो भविष्य के निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते थे।
ग्रामीणों ने कलेक्टर, विद्युत वितरण लिमिटेड से की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अनुमति राष्ट्रीय राजमार्ग को क्रॉस कराना और बीच सड़क गड्ढे खोदना नियमों के खिलाफ और जानलेवा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर, विद्युत वितरण लिमिटेड बुढ़ार और नगर पालिका धनपुरी को शिकायत दी है।
विवाद बढ़ने पर ठेकेदार एजेंसी के प्रोपराइटर ने काम रोकने की पुष्टि की है । दिनभर चले विवाद के बाद फिलहाल कार्य पूरी तरह ठप है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करके दोषी अधिकारियों और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं विद्युत वितरण लिमिटेड बुढ़ार के असिस्टेंट इंजीनियर सुभाष सेन ने माना है कि मूल सर्वे में लाइन को सीधे ले जाने का प्रावधान था, एनएच-43 को क्रॉस करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया। लिहाजा उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।