Edited By Himansh sharma, Updated: 08 Jun, 2026 01:08 PM

मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारे जाने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर आक्रामक रुख अपना लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा के इस कदम को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।पटवारी ने कहा कि भाजपा का तीसरा उम्मीदवार उतारना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका को जन्म देने वाला कदम है। उन्होंने दावा किया कि अतीत में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हुई हैं और मौजूदा फैसला उसी कड़ी का हिस्सा दिखाई देता है। कांग्रेस नेता ने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि तीसरा प्रत्याशी अचानक नहीं उतारा गया, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से तैयारी और विचार-विमर्श चल रहा था।
भाजपा के फैसले पर कांग्रेस का तीखा हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव को लेकर जिस तरह की परिस्थितियां बनाई जा रही हैं, उससे लोकतांत्रिक परंपराओं पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझने की जरूरत है कि सत्ता के लिए किस प्रकार के राजनीतिक प्रयोग किए जा रहे हैं। पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष पूरी मजबूती से मैदान में है।
कांग्रेस को जीत का भरोसा
राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस प्रत्याशी की जीत तय है और चुनाव परिणाम कई लोगों को चौंका सकते हैं। उन्होंने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा कि कांग्रेस का उम्मीदवार निश्चित रूप से विजयी होगा।
बाड़ेबंदी के सवाल पर साधी चुप्पी
राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस विधायकों की संभावित बाड़ेबंदी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि जब इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से सवाल किया गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी चुप्पी ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है। माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव के मतदान तक दोनों प्रमुख दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर सकते हैं।
चुनावी मुकाबले पर सबकी नजर
मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। एक ओर भाजपा सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी रणनीति को धार देने में जुटी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे लोकतंत्र और नैतिकता का मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव का यह मुकाबला प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बना रह सकता है।