केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि का भतीजा ही निकला शराब तस्कर, पुलिस के खुलासे ने उड़ाए होश

Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Jun, 2026 03:03 PM

minister aide s nephew held in liquor smuggling case

आदिवासी अंचल खालवा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है

खंडवा। आदिवासी अंचल खालवा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके राजनीतिक रसूख की चर्चा लंबे समय से क्षेत्र में होती रही है। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार से 29 पेटी यानी करीब 290 लीटर अवैध शराब जब्त की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित भाटी के रूप में हुई है, जो केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद Durgadas Uikey के प्रतिनिधि के भतीजे के तौर पर जाना जाता है। पुलिस कार्रवाई के दौरान उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त शराब को आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थित ढाबों और किराना दुकानों के माध्यम से खपाने की तैयारी थी।

तड़के 4 बजे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

जानकारी के अनुसार, खालवा पुलिस की टीम सोमवार तड़के नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान छनेरा की ओर से आ रही एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार के भीतर भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके से अमित भाटी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फूलसिंह अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने शराब और वाहन दोनों को जब्त कर लिया है तथा आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ढाबे और किराना दुकान की आड़ में चल रहा था कारोबार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अमित भाटी खालवा क्षेत्र में नदी किनारे एक ढाबा संचालित करता है, जहां कथित तौर पर ग्राहकों को अवैध रूप से शराब परोसी जाती थी। वहीं फरार आरोपी फूलसिंह गांव कोठा में किराना दुकान की आड़ में शराब बेचने का काम करता था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि दोनों आरोपी लंबे समय से अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति कर रहे थे।

राजनीतिक संरक्षण के आरोपों के बीच कार्रवाई

क्षेत्र में यह चर्चा लंबे समय से रही है कि आरोपी अमित भाटी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। उसके काका रामचंद्र भाटी केंद्रीय मंत्री के करीबी माने जाते हैं और क्षेत्र में सांसद प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगते रहे हैं कि प्रभावशाली संबंधों के कारण आरोपी के खिलाफ पहले ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। हालांकि इस बार पुलिस ने गश्त के दौरान रंगे हाथों पकड़कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

शराब सिंडिकेट के नेटवर्क की जांच शुरू

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि जब्त शराब छनेरा क्षेत्र की एक शराब दुकान से लाई गई थी। पुलिस अब उस सप्लाई चेन और कथित सिंडिकेट की भूमिका की भी जांच कर रही है, जो आदिवासी क्षेत्रों में शराब की अवैध बिक्री को बढ़ावा दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के कई ढाबा संचालक, होटल व्यवसायी और किराना दुकानदार कमीशन के आधार पर शराब खरीदकर अवैध रूप से बेचते हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुट गई है।

पुलिस का बयान

खालवा थाना प्रभारी जगदीश सिंदिया ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान की गई कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है तथा दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस ने स्विफ्ट कार सहित 29 पेटी शराब जब्त कर ली है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या इस कार्रवाई के बाद खालवा और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय अवैध शराब नेटवर्क की जड़ तक पुलिस पहुंच पाएगी, या फिर यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित रह जाएगा।

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