BJP MLA के पत्र ने मचाई सनसनी,अपनी ही महापौर के नगर निगम में काम रोकने के लिए लिखा पत्र,जिले की सियासत में तूफान

Edited By Desh Raj, Updated: 29 May, 2026 09:35 PM

political tug of war continues in khandwa between mla and mayor

मध्य प्रदेश के खंडवा में बीजेपी के लिए टेंशन बढ़ाने वाली खबर है। भगवा पार्टी के अंदर की सियासी कलह अब खुलकर सामने आती हुई दिखाई दे रही है।  विधायक और महापौर के बीच चल रहा संघर्ष हर रोज नए खुलासों के साथ सुर्खियां बटोर रहा है।

(खंडवा): मध्य प्रदेश के खंडवा में बीजेपी के लिए टेंशन बढ़ाने वाली खबर है। भगवा पार्टी के अंदर की सियासी कलह अब खुलकर सामने आती हुई दिखाई दे रही है।  विधायक और महापौर के बीच चल रहा संघर्ष हर रोज नए खुलासों के साथ सुर्खियां बटोर रहा है।

इस बीच अब  विधायक कंचन तनवे के एक पत्र के वायरल होने से फिर से सियासी पारा चरम पर है। इससे नगर निगम के करोड़ों के विकास कार्यों पर रोक लगने का मामला गरमा गया है। हालांकि बीजेपी सांसद इस मामले में बचाव करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

विधायक कंचन तनवे और महापौर अमृता यादव के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक तौर से सामने आ चुकी है। मामला नगर निगम के करीब एक करोड़ पांच लाख रुपए के छह विकास कार्यों से जुड़ा है, जानकारी के मुताबित इनके टेंडर हो चुके थे और वर्क ऑर्डर जारी होना बाकी था।

लेकिन इसी बीच अब बताया जा रहा है कि विधायक द्वारा लिखे गए पत्र के बाद इन कामों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।  नगर निगम को ऊपर से मिले पत्र के आधार पर वर्क ऑर्डर रोके गए हैं।  इसके बाद दोनों  के बाद तनातनी और ज्यादा बढ़ गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीजेपी संगठन ने मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की है । सफाई देते हुए कहा कि विधायक और महापौर के बीच किसी प्रकार की खींचतान नहीं है और विकास कार्यों को लेकर केवल समन्वय किया जा रहा है।

बीजेपी संगठन का कहना है कि विधायक कंचन तनवे और महापौर अमृता यादव खंडवा के विकास को लेकर एक साथ है।  वहीं खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी कहा है कि पूरे मामले पर बीजेपी एक है । विधायकों को किसी विभाग की समीक्षा करने का अधिकार है । फिलहाल पार्टी कलह को ढकने की कोशिश कर रही है लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे प्रभाव और शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।

आपको बता दें कि इस मामले में महापौर अमृता ने कहा था कि ऊपर से पत्र आने के कारण वर्क ऑर्डर रोके गए हैं। वहीं कंचन तनवे ने मामले को साफ करते हुए कहा था कि विकास कार्य निरस्त नहीं किए गए, बल्कि संशोधन के लिए प्रक्रिया रोकी गई है।

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