कांग्रेस में नए चेहरे को राज्यसभा भेजने का मंथन, इन दिग्गज नेताओं के नाम सबसे आगे, कभी भी हो सकता है ऐलान!

Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Jun, 2026 05:27 PM

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मध्य प्रदेश से राज्यसभा की संभावित सीट को लेकर कांग्रेस में मंथन निर्णायक दौर में पहुंच गया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की संभावित सीट को लेकर कांग्रेस में मंथन निर्णायक दौर में पहुंच गया है। पार्टी इस बार परंपरागत नेताओं के बजाय नए चेहरे को राज्यसभा भेजने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रही है। उम्मीदवार चयन को लेकर दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि अगले एक-दो दिनों में कांग्रेस अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व से विभिन्न सामाजिक वर्गों और राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं के नाम मांगे हैं। इसी के बाद संभावित दावेदारों को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी उम्मीदवार चयन में सामाजिक संतुलन, संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहती है।

ओबीसी वर्ग से पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का नाम प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व देने की स्थिति में सज्जन सिंह वर्मा भी मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं। महिला प्रतिनिधित्व को लेकर शोभा ओझा और मीनाक्षी नटराजन के नाम चर्चा में हैं।

कांग्रेस के भीतर युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। इसी वजह से पूर्व विधायक प्रियव्रत सिंह और प्रवीण पाठक के नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी यदि युवा चेहरे पर दांव लगाती है तो यह आगामी चुनावी रणनीति का भी संकेत माना जाएगा।

फिलहाल कमलेश्वर पटेल, कमलनाथ, प्रियव्रत सिंह और प्रवीण पाठक के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान के हाथ में है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित है, जबकि 18 जून को मतदान होगा।

विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए तीन सीटों में से दो सीटों पर भाजपा का पलड़ा भारी माना जा रहा है, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिखाई दे रही है। ऐसे में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसा उम्मीदवार चुनने की है जो न केवल पार्टी के भीतर विभिन्न वर्गों को साध सके, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की राजनीतिक ताकत को भी मजबूती प्रदान कर सके।

अब नजरें कांग्रेस आलाकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि राज्यसभा की यह सीट केवल एक संसदीय प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला अहम संदेश भी साबित हो सकती है।

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