Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Feb, 2026 10:50 AM

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बालोद जिले में ट्रांसफर आदेश की खुलेआम अनदेखी करना थाना प्रभारी और आरक्षक दोनों को भारी पड़ गया।
बालोद: छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बालोद जिले में ट्रांसफर आदेश की खुलेआम अनदेखी करना थाना प्रभारी और आरक्षक दोनों को भारी पड़ गया। बालोद एसपी योगेश पटेल ने अर्जुंदा थाना प्रभारी और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, 16 सितंबर 2025 को जारी ट्रांसफर आदेश में अर्जुंदा थाना में पदस्थ आरक्षक पंकज तारम को गुंडरदेही थाना भेजा गया था। आदेश के साथ ही सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया था कि ट्रांसफर हुए पुलिसकर्मियों को तुरंत रिलीव किया जाए, ताकि वे नई पोस्टिंग पर ज्वाइन कर सकें।
लेकिन अर्जुंदा थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू ने पूरे 5 महीने तक आरक्षक को रिलीव नहीं किया। वहीं दूसरी ओर, आरक्षक पंकज तारम ने भी नई पोस्टिंग पर ज्वाइन नहीं किया।जब एसपी ने ट्रांसफर और रिलीविंग रिपोर्ट का रिव्यू किया, तब यह लापरवाही सामने आई। इसके बाद एसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र अटैच कर दिया।
निलंबन आदेश में क्या लिखा?
स्थानांतरण आदेश के बावजूद कर्मचारी को रवानगी न देना, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना आचरण मानते हुए थाना प्रभारी अर्जुंदा और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन और ट्रांसफर आदेशों की सख्ती से पालन कराने का बड़ा संदेश मानी जा रही है।