Edited By meena, Updated: 31 Aug, 2026 07:43 PM

सात फेरों के साथ जीवनभर सुख-दुख में साथ निभाने का वादा करने वाली छतरपुर की 55 वर्षीय मीना गुप्ता ने अपने पति के लिए ऐसा फैसला लिया, जिसने दांपत्य रिश्ते की मिसाल पेश कर दी....
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : सात फेरों के साथ जीवनभर सुख-दुख में साथ निभाने का वादा करने वाली छतरपुर की 55 वर्षीय मीना गुप्ता ने अपने पति के लिए ऐसा फैसला लिया, जिसने दांपत्य रिश्ते की मिसाल पेश कर दी। पति की जिंदगी बचाने के लिए मीना ने अपनी एक किडनी दान कर दी। उनकी 60 वर्षीय पति कृष्णकांत गुप्ता के लिए दिल्ली के मणिपाल अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जो सफल रहा।
पति की जिंदगी बचाने के लिए खुद किडनी देने का लिया फैसला
कृष्णकांत गुप्ता की तबीयत गंभीर होने के बाद डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत बताई। परिवार के सामने जब किडनी डोनेशन का सवाल आया तो पत्नी मीना गुप्ता ने आगे बढ़कर अपनी किडनी देने का फैसला किया। जरूरी चिकित्सकीय जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका किडनी डोनेशन के लिए चयन किया गया।
सुबह 8:30 बजे शुरू हुई सर्जरी, 6 घंटे बाद मिली सफलता
रविवार सुबह करीब 8:30 बजे दिल्ली के मणिपाल अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने किडनी ट्रांसप्लांट की जटिल सर्जरी शुरू की। डॉ. विकास जैन के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने करीब 6 घंटे तक लगातार प्रयास किया। दोपहर करीब 3 बजे ट्रांसप्लांट प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई।
परिवार में खुशी, पत्नी के फैसले की हो रही सराहना
किडनी ट्रांसप्लांट सफल होने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मीना गुप्ता के इस फैसले को परिवार और परिचित दांपत्य जीवन में समर्पण और साथ निभाने की मिसाल बता रहे हैं। मुश्किल वक्त में पति के लिए अपनी किडनी दान कर उन्होंने यह साबित किया कि जीवनसाथी के लिए किया गया त्याग रिश्ते को और मजबूत बनाता है।