फाइबर की बोतल में मिलेगी शराब, खुलेगी 35 नई दुकानें, कांग्रेस बोली- मुनाफाखोरी के लालच में छत्तीसगढ़ को नशे का गढ़ बना रहे

Edited By meena, Updated: 12 Feb, 2026 08:29 PM

congress surendra verma raised questions on the new excise policy of sai governm

बार-बार बदले जा रहे आबकारी नीति और नए-नए शराब दुकान खोलने पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक तरफ साय सरकार लगातार नई शराब दुकानें खोल रही है...

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह) : बार-बार बदले जा रहे आबकारी नीति और नए-नए शराब दुकान खोलने पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक तरफ साय सरकार लगातार नई शराब दुकानें खोल रही है, दूसरी तरफ इस सरकार में पुलिस ही ड्रग्स की तस्करी कर रही है। इस सरकार की नियत और जमीनी हकीकत बिल्कुल साफ है, मुनाफाखोरी के लालच में छत्तीसगढ़ को नशे का गढ़ बनाया जा रहा है। सत्ता के संरक्षण में नकली शराब, अवैध शराब, गुणवत्ताहीन शराब के साथ ही सूखे नशे का कारोबार पूरे प्रदेश में फल-फूल रहा है, गांजा, नशीली दवाएं और नशे के पाउडर सीमा पार से लाकर छत्तीसगढ़ में बेचे जा रहे हैं, सरकार खुद ही नए-नए शराब दुकान खोल कर शराबखोरी को बढ़ावा दे रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इस जनविरोधी सरकार ने निर्णय लिया है कि अब 1 अप्रैल से फाइबर की बोतल में शराब मिलेगी। साथ ही 35 नई दुकानों के शटर भी खोले जाएंगे। शराब की काली कमाई के लालच में भाजपा की सरकार ने पिछले दो वर्षों में आधा दर्जन बार आबकारी नीति में परिवर्तन किया है। पूर्व में संचालित लगभग 700 दुकानों में कंपोजिट व्यवस्था लागू करके अंग्रेजी में देसी और देसी शराब दुकानों में अंग्रेजी शराब भी बेचने का निर्णय लिया अर्थात पुरानी दुकानों की क्षमता दुगनी की, यही नहीं इस सरकार ने पिछले साल 67 नई शराब दुकानें खोले, जिसका जमकर विरोध हुआ, अब नई नीति में 35 और शराब दुकान खोले जा रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार हर तरफ से प्रदेश को मदिरामय बनाने में जुटी है। विगत दिनों अंबिकापुर में सिमर को बंद कर प्रीमियम शराब दुकान खोली गई, अब नई शराब नीति के तहत और भी प्रीमियम दुकान खोलने का फैसला भाजपा की सरकार ने लिया है। पिछले 2 साल में सीमावर्ती पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा से शराब की तस्करी बढ़ी है। कोचियों और बिचौलियों का कारोबार बेख़ौफ़ चल रहा है, नाबालिक बच्चों तक अवैध नशे की सामग्री पहुंच रही है।

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