Edited By meena, Updated: 20 Sep, 2026 06:06 PM
मध्य प्रदेश के पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है...
बालाघाट (हरीश लिलहरे) : मध्य प्रदेश के पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। मामला किरनापुर थाना में पथराव और पुलिसकर्मियों से मारपीट से जुड़ा हुआ है। वही मामले को लेकर सांसद का बयान भी सामने आया है। उन्होंने इसे पुलिस की एकतरफा कार्रवाई बताया है और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
टिमकीटोला निवासी महिला के साथ थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण पिटाई मामले में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर 15 सितंबर को मरार माली समाज के सामाजिक आंदोलन के दौरान, किरनापुर थाने में हुई पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले मामले में, पुलिस की एफआईआर सामने आई है, जिसमें पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे, सरपंच प्रकाश बाहे सहित 63 नामजद सहित 100 से 200 लोगों के खिलाफ, गंभीर धाराओ में अपराध दर्ज किया है।
एफआईआर में साफ है कि इन्होंने आंदोलन का नेतृत्व किया और घटना को रोकने में असफल रहे। जिसके कारण, यह घटना घटित हुई। जिसमें हमलावरों ने ईट, पत्थर, डंडे और राड से थाना और पुलिस फोर्स में हमला किया गया। यही नहीं बल्कि इन्होंने वाहनों को जलाने का प्रयास भी प्रयास किया। जिसमें कई पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें है। हालांकि एक दिन पूर्व पुलिस ने इस उपद्रव के लिए दावा किया था कि थाने में उपद्रवी लोगों को मुफ्त में शराब बांटी गई और रूपए भी दिए गए।

एफआईआर के अनुसार प्रार्थी आरक्षक रवि जाटव की शिकायत पर किरनापुर थाने में 63 नामजद आरोपियों के विरूद्ध तथा 100-200 महिला-पुरूष अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 190, 191 (2), 191 (3), 132, 125, 333, 109 (1), 115 (2), 296, 121 (1), 324 बीएनएस की धारा 3 (2) (वीए), 3 (2) (वी), 3 (2) (ध), 3 (2) (द) एससी, एसटी एक्ट, धारा 3 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
दरअसल, पीड़िता महिला के साथ थाने में की पुलिस पिटाई के विरोध में 15 सितंबर को किरनापुर में समाज ने आंदोलन किया था। जिसमें तकरीबन 5 हजार से ज्यादा लोग, आंदोलन में शामिल हुए थे। आंदोलन के समय थाने के सामने से गुजर रही रैली के दौरान, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग हिंसक हो गई और रैली में शामिल उपद्रवियों ने थाने में पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर दिया। इस पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियो को चोटें आने के साथ ही थाने के भवन को भी नुकसान पहुंचा था।

पुलिस ने इस मामले में cctv और अन्य माध्यमों से करीब 24 उपद्रवियों की पहचान की थी। जिन्हें पुलिस ने गुरूवार को सायंकाल, न्यायालय में पेश किया। जिसमें 7 आरोपियों को पुलिस ने 20 सितंबर तक रिमांड पर लिया है और बाकी लोगों को जेल भेजा गया।
वहीं इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने चर्चा करते हुए बताए कि वे 15 सितंबर को थाने का घेराव और उपद्रव के काफी समय बाद किरनापुर पंहुचे थे। जहां वे सभा में पहुंचे थे। पुलिस चाहे तो उनके घर से निकलने और सड़कों के सीसीटीवी फुटेज भी देख सकती है। पूर्व सांसद मुंजारे ने कहा कि पुलिस मनमानी कर रही है। वहीं पुलिस निर्दोषों को फंसा कर मामला दर्ज कर रही है जो थाना घेराव या उपद्रव में नहीं थे। उन्हें भी जबरन पुलिस फंसा रही है। ऐसे में वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और एक बड़ा आंदोलन करेंगे।

इसके अलावा मरार माली समाज के अध्यक्ष रमेश पंचे और पूर्व उपाध्यक्ष राजेश मरार ने पत्रकार वार्ता में कहे थे कि वे लोग मंच पर थे। थाने में घेराव कर तोड़फोड़ करने वाले प्रायोजित लोग थे जिन्हें शराब और पैसा देकर थाने में पथराव और हमला करने उकसाया गया था। अब घटना क्रम के बाद पुलिस दोषियों के साथ साथ निर्दोष युवकों और लोगों के खिलाफ भी जबरन एफआईआर करके अन्याय कर रही है।