Edited By Vikas Tiwari, Updated: 15 Feb, 2026 04:17 PM

छतरपुर में एक धार्मिक समारोह के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने विवाह शब्दावली को लेकर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया कि यह ‘शादी’ नहीं बल्कि ‘ब्राह्म विवाह’ है। उन्होंने मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्राह्म विवाह को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है...
छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर में एक धार्मिक समारोह के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने विवाह शब्दावली को लेकर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया कि यह ‘शादी’ नहीं बल्कि ‘ब्राह्म विवाह’ है। उन्होंने मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्राह्म विवाह को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और धार्मिक आयोजनों में सही शब्दों का प्रयोग होना चाहिए।
इसी कार्यक्रम में उन्होंने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बार वह इस विवाह समारोह में शामिल होने आए हैं, लेकिन 29 जून से 13 जनवरी तक वे एकांतवास में रहेंगे। जगद्गुरु ने आगे कहा कि उन्हें आशा है कि अगली बार जब वे आएंगे तो धीरेंद्र शास्त्री के विवाह महोत्सव में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि तब तक कन्या विवाह का आयोजन नहीं होगा, जब तक प्रस्तावित कैंसर अस्पताल बनकर तैयार नहीं हो जाता।
उन्होंने घोषणा की कि अगली बार 1001 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जाएगा। मंच से उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “कामना कीजिए कि अगली बार जब मैं आऊं तो समधी बनकर आऊं।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल देखा गया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम संपन्न हुआ।