Edited By Desh Raj, Updated: 12 Feb, 2026 07:03 PM

महाकाल की नगरी उज्जैन तो वैसे ही महाकालेश्वर मंदिर के लिए देश और विदेश में प्रसिद्ध है लेकिन अब इस नगरी को और एक पहचान मिलने जा रही है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। उज्जैन को पहला आयुर्वेदिक एम्स मिलने जा रहा...
(उज्जैन): महाकाल की नगरी उज्जैन तो वैसे ही महाकालेश्वर मंदिर के लिए देश और विदेश में प्रसिद्ध है लेकिन अब इस नगरी को और एक पहचान मिलने जा रही है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। उज्जैन को पहला आयुर्वेदिक एम्स मिलने जा रहा है । प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद इसका ऐलान किया है।
पहली मेडिसिटी के बाद उज्जैन में आयुर्वेद एम्स खुलेगा
दरअसल सीएम मोहन ने उज्जैन के दशहरा मैदान में वन मेले का शुभारंभ किया है । वन मेले के शुभारंभ मौके पर बोलते हुए सीएम मोहन ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से महाकाल की नगरी उज्जैन को आयुर्वेदिक एम्स की सौगात मिलेगी। प्रदेश की पहली मेडिसिटी के बाद अब उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स खुलेगा। जो न केवल उज्जैन को अब और अलग पहचान देगा बल्कि आयुर्वेद हब के तौर पर भी स्थापित करेगा।
केंद्रीय बजट' में देश में तीन आयुर्वेद एम्स खोले जाने का ऐलान हुआ था, जिसके बाद सीएम मोहन यादव ने उन्हीं में से एक आयुर्वेदिक एम्स उज्जैन में खोले जाने की घोषणा कर दी है। कालिदास अकादमी में हुए कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा, समुद्र मंथन में निकले रत्नों में से एक भगवान धन्वंतरि भी हैं। इससे भला उज्जैन कैसे अछूता रह सकता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान मिलेगी- मोहन
इस मौके पर बोलते हुए सीएम यादव ने कहा कि, आने वाले समय में उज्जैन महानगर बनने जा रहा है। यहां 4 लेन और 6 लेन वाले रोड बनाए जा रहे हैं। पुल निर्माण के साथ ही दूसरे विकास कार्यों मे भी तेजी से काम हो रहा है। मोहन ने कहा कि इस तरह से देखा जाए तो महाकाल की नगरी में विकास की गंगा बह रही है। उज्जैन में अब आयुर्वेदिक एम्स के खुलने से अलग ही पहचान मिलेगा।यह संस्थान आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान देगा और आने वाले समय में उज्जैन विकास की नई ऊचाइयों पर होगा।