कैलाश विजयवर्गीय को बताया कुत्तों का प्रभारी, तो मंत्री ने दिया ऐसा जवाब, जमकर हुआ हंगामा

Edited By meena, Updated: 17 Feb, 2026 08:02 PM

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मध्य प्रदेश की विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर जमकर हंगामा हुआ...

भोपाल : मध्य प्रदेश की विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भोपाल नगर निगम क्षेत्र में बढ़ती कुत्तों की आबादी और नसबंदी अभियान का मुद्दा विपक्ष ने उठाया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई। कुत्तों की नसबंदी को लेकर शुरु हुई बहस देखते ही देखते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई।

सबसे पहले कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कुत्तों की समस्या पर चिंता जताई। इस पर जवाब देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स 2023 के तहत बिना नसबंदी वाले आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी केंद्र भेजा जाता है और ऑपरेशन के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाता है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुत्तों की आबादी तेजी से बढ़ रही है और नसबंदी की संख्या पर्याप्त नहीं है। उन्होंने नसबंदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और बाहर से विशेषज्ञ बुलाने की बात कही।

ध्यानाकर्षण पर विजयवर्गीय ने अध्यक्ष से कहा कि कुत्तों के स्थान पर "श्वान" शब्द का उपयोग होता तो उचित होता। इस पर विधायक आतिफ अकील ने सफाई दी कि कई लोग इस शब्द को समझ ही नहीं पाएंगे। 

इस पर कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने चुटकी लेते हुए विजयवर्गीय को “कुत्तों का प्रभारी” बता दिया और नसबंदी में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस पर विजयवर्गीय ने इसे हल्की टिप्पणी करार देते हुए आपत्ति जताई और कहा कि सरकार जांच के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है।

बात यही खत्म नहीं हुई बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब कुत्ते भी “आतंकवादी” हो रहे हैं। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सदियों से डॉग मानव का मित्र रहा है। उन्होंने कहा कि कई मोहल्लों में कुत्ते परिवार की तरह रहते हैं और यदि उन्हें भोजन न मिले तो वे आक्रामक हो सकते हैं

कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन ठीक से नहीं हो रहा है और केवल कागजों पर करोड़ों की नसबंदी दिखाई जा रही है। उन्होंने बड़वानी का उदाहरण देते हुए बच्चियों को कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाओं में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की गुणवत्ता और उपलब्धता पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने पूछा कि डॉग बाइट पीड़ितों को कितना मुआवजा दिया गया है।

 

वहीं विधायक गोपाल भार्गव ने कुत्तों की नस्ल खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि जब देश में करोड़ों लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं, तब पालतू या आवारा श्वानों पर खर्च उचित नहीं है। पूरे मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की संख्या भी लगातार घट रही है।

 

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