Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Feb, 2026 06:04 PM

नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव और किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की।
दमोह: नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव और किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना दमोह के सूखे खेतों को जीवनदान देगी और जिले की तस्वीर बदल देगी।
केन-बेतवा लिंक से पानी, 300 गांवों का होगा फायदा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लिंक परियोजना से दमोह के 300 गांवों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा, “सूखे खेत को पानी मिल जाए तो फसल सोने जैसी होती है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।”
दमोह में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा
प्रदेश में चीते का पुनर्स्थापन देश में मिसाल बन चुका है। श्योपुर उद्यान में लाए गए चीते अब 35 की संख्या में हैं और इसी वर्ष जून तक नौरादेही अभयारण्य में भी छोड़े जाएंगे। इससे दमोह क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों की आय में सुधार होगा।
सिंचाई और विकास के लिए 600 करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री ने व्यारमा नदी से पानी लिफ्ट कर बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाने और दमोह विधानसभा के 33 गांवों की 14 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने के लिए 600 करोड़ रुपये की घोषणा की।
अन्य बड़े विकास कार्य
गीता भवन निर्माण: 2 करोड़ रुपये
नवीन जिला जेल निर्माण: 70 करोड़ रुपये
तेंदूखेड़ा और हटा: खेल स्टेडियम
राजनगर तालाब व बांधों: पर्यटन और बोट क्लब
व्यारमा नदी: जल क्रीड़ा केंद्र
नोहटा: नगर परिषद बनाने पर परीक्षण
CM का संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “हमारे राज्य का विकास तभी संभव है जब किसान, युवा और पर्यटन सभी को साथ लेकर चलें। दमोह में यह प्रयास नए रोजगार, नई सिंचाई और नए अवसर लाएगा।