Edited By meena, Updated: 31 May, 2026 08:42 PM

मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में विभिन्न मोर्चों के जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों का दौर जारी है। अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और किसान मोर्चा के जिलाध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है...
अनूपपुर: मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में विभिन्न मोर्चों के जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों का दौर जारी है। अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और किसान मोर्चा के जिलाध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है, लेकिन पिछड़ा वर्ग मोर्चा, महिला मोर्चा और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्षों के नामों का अभी इंतजार है। इसी बीच अनूपपुर जिले में भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जिले में सबसे अधिक चर्चा आशुतोष तिवारी की दावेदारी को लेकर हो रही है। उनके समर्थन में भाजपा जिला मीडिया सह-प्रभारी श्रीराम केवट द्वारा जारी एक प्रेस नोट ने संगठन के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेस नोट में आशुतोष तिवारी को उभरता हुआ राजनीतिक चेहरा बताते हुए उनके खिलाफ चल रही ‘बाहरी’ होने की बहस को गलत ठहराया गया है।
हालांकि, चूंकि यह प्रेस नोट भाजपा जिला मीडिया सेल की ओर से जारी किया गया है, इसलिए इसे संगठन का आधिकारिक पक्ष माना जा रहा है। यही वजह है कि अब पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य दावेदारों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या किसी एक उम्मीदवार के समर्थन में इस तरह का आधिकारिक बयान जारी होना निष्पक्ष प्रक्रिया पर सवाल नहीं खड़ा करता?
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि क्या जिलाध्यक्ष पद के लिए नामों का पैनल भेजना केवल औपचारिकता भर रह गया है, जबकि फैसला पहले से तय माना जा रहा है। वहीं, आशुतोष तिवारी के जिले के बाहर के निवासी होने और कॉलरी कर्मचारी होने को लेकर भी लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
मीडिया और राजनीतिक हलकों की ओर से यह मांग भी उठ रही है कि यदि आशुतोष तिवारी पिछले 22 वर्षों से अनूपपुर में रह रहे हैं, तो उनके निवास प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड और सेवा अभिलेखों में कौन-सा पता दर्ज है, इसकी स्थिति स्पष्ट की जाए। अब सभी की नजरें भाजपा संगठन पर टिकी हैं कि वह इन सवालों का क्या जवाब देता है और भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद पर किस नाम की घोषणा करता है।