Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Feb, 2026 09:53 PM

ग्राम धरमपुरी की गौशाला में आधा दर्जन गायों की भूख-प्यास से मौत के मामले ने प्रशासन को हिला दिया है।
खंडवा। ग्राम धरमपुरी की गौशाला में आधा दर्जन गायों की भूख-प्यास से मौत के मामले ने प्रशासन को हिला दिया है। गुरुवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया तो कई गंभीर खामियां सामने आईं। फर्श टूटा मिला, पानी की टंकी लीक पाई गई और चरनोई भूमि पर चारे की जगह गेहूं की फसल खड़ी दिखी। हालात देख कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित इंजीनियरों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
टूटा फर्श, लीक टंकी और बदहाल व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि गौशाला का फर्श बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे पशुओं को खड़े रहने और बैठने में दिक्कत हो रही है। पानी के लिए बनाई गई होद (टंकी) लगातार लीक कर रही है, जिसके कारण उसमें पानी रुक नहीं पा रहा। गौशाला संचालक ने बताया कि पिछले वर्ष जून में हैंडओवर के समय से ही निर्माण कार्य में खामियां थीं। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री को पूरे निर्माण की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित उपयंत्री और सहायक यंत्री को शोकॉज नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
चरनोई जमीन पर गेहूं की फसल देख भड़के
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गौशाला के लिए आवंटित चरनोई भूमि पर चारे की फसल की बजाय गेहूं बोया गया था। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में यहां नेपियर घास या अन्य चारा फसलें ही लगाई जाएं, गेहूं या सोयाबीन जैसी फसलें नहीं।
वेटनरी अफसरों की लापरवाही उजागर
जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्र के सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी और विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी ने गौशाला का नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग नहीं की। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने उनके खिलाफ भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. हेमंत शाह को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।
मौके पर एसडीएम ऋषि कुमार सिंघई भी मौजूद रहे।
प्रशासन की इस सख्ती से साफ है कि गौशालाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में आगे की जांच के बाद जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई संभव है।