सहकारिता क्षेत्र में नई क्रांति ला रही मोहन सरकार, तकनीक और पारदर्शिता से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 07 Jun, 2026 07:31 PM

mp govt strengthening cooperative sector with transparency

CM मोहन यादव ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राज्य सरकार इसे अधिक सशक्त बनाकर किसानों, ग्रामीणों तथा छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक...

भोपाल: CM मोहन यादव ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राज्य सरकार इसे अधिक सशक्त बनाकर किसानों, ग्रामीणों तथा छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक उत्थान का प्रभावी माध्यम है, जिसे आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी से जोड़कर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक और विपणन जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। सहकारिता क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और युवाओं व किसानों को इससे जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। डॉ. यादव ने बताया कि सहकारी संस्थाओं की दैनंदिन कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। साथ ही सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के माध्यम से नवाचार, जनहित और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए सहकारी संस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रही है। राज्य में 4,536 से अधिक पैक्स (PACS) का सफलतापूर्वक कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है और उनकी जानकारी एनसीडी पोर्टल पर अद्यतन कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दुग्ध क्रांति 2.0 को गति देने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए दुग्ध समितियों एवं सदस्यों के खाते जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में खोले गए हैं। इसके अलावा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज संघ के बीच हुए एमओयू से लगभग 17 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है तथा 844 पैक्स इसकी सदस्यता ले चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के बीच हुए समझौते में 1,335 पैक्स सदस्य बन चुके हैं। वहीं राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ के बीच हुए समझौते में अब तक 1,612 पैक्स सदस्यता ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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