Edited By Vikas Tiwari, Updated: 18 Feb, 2026 08:16 PM

Mohan Yadav ने कहा है कि Narendra Modi के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट ‘GYANII’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर) मॉडल...
भोपाल: Mohan Yadav ने कहा है कि Narendra Modi के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट ‘GYANII’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर) मॉडल पर तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में गरीब कल्याण, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार, किसानों की आय वृद्धि, नारी सशक्तिकरण, आधारभूत ढांचे के विस्तार और औद्योगिक निवेश को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश की जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.69 प्रतिशत अधिक है। प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पूंजीगत व्यय जीएसडीपी का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। कृषि वर्ष के अंतर्गत किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार 13 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें कृषि उत्पादन वृद्धि, आदान व्यवस्था, उपज के बेहतर मूल्य और सुरक्षा चक्र जैसी योजनाएं शामिल हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजरा-टोला सड़क योजना, क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण और शहरी अधोसंरचना के लिए ‘द्वारका योजना’ के तहत बड़े निवेश किए जाएंगे।
सिंहस्थ महापर्व से जुड़े 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार देने और पंजीयन शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन करने की योजना को देश में पहला नवाचार बताया गया है, जिसके लिए 3 हजार 800 करोड़ रुपए का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट ‘समृद्ध मध्यप्रदेश @2047’ के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी कदम है और आने वाले वर्षों के सतत विकास का रोडमैप प्रस्तुत करता है।