Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Apr, 2026 04:20 PM

नगर निगम के बजट सम्मेलन में वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है।
इंदौर। नगर निगम के बजट सम्मेलन में वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के बयान और फिर बदले रुख ने मामले को और गरमा दिया है। एक ओर उन्होंने गुस्से में कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए “कान पकड़ लिए, आगे ऐसा नहीं होगा” कहा, वहीं दूसरी ओर बाद में यह भी साफ किया कि उन्होंने राष्ट्रगीत का कोई अनादर नहीं किया और माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। एमजी रोड थाने में इस मामले को लेकर करीब साढ़े चार घंटे तक बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम और रुबीना खान से पूछताछ की..
बयान देने से पहले मीडिया से बातचीत में रुबीना खान ने स्वीकार किया कि उस समय माहौल गर्म था और कुछ पार्षद उन्हें उकसा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आपत्तिजनक शब्द कह दिए। हालांकि बाद में उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने खेद जताया।लेकिन थाने पहुंचने के बाद उनका रुख कुछ बदला नजर आया। उन्होंने कहा कि वह पिछले 15 साल से पार्षद हैं और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों में शामिल होती रही हैं। अगर उन्होंने कभी राष्ट्रगीत या राष्ट्रध्वज का अनादर किया होता तो अब तक उन पर कार्रवाई हो चुकी होती। उन्होंने दावा किया कि वह वंदे मातरम् के दौरान हमेशा खड़ी रही हैं और इस बार भी ऐसा ही किया।
इधर, इस पूरे विवाद ने कांग्रेस के अंदर भी खींचतान बढ़ा दी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को अनिवार्य करने की बात कही है। वहीं वरिष्ठ नेता केके मिश्रा के बयान ने भी सियासी पारा बढ़ा दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि जो वंदे मातरम् नहीं गा सकता, वह पाकिस्तान चला जाए। हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ऐसे बयानों से दूरी बनाते हुए उन्हें गलत बताया है।