Edited By Desh Raj, Updated: 13 Feb, 2026 08:08 PM

बुरहानपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 14 फरवरी के प्रस्तावित दौरे से पहले बुरहानपुर की राजनीति गरमा गई है। एक ओर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जिले को 696.37 करोड़ रुपये की विकास सौगात मिलने का दावा किया है, तो वहीं...
बुरहानपुर (राजू सिंह राठौड़): बुरहानपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 14 फरवरी के प्रस्तावित दौरे से पहले बुरहानपुर की राजनीति गरमा गई है। एक ओर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जिले को 696.37 करोड़ रुपये की विकास सौगात मिलने का दावा किया है, तो वहीं कांग्रेस नेता अजयसिंह रघुवंशी ने इन दावों को “फर्जी विकास” बताते हुए भाजपा सरकार और नगर निगम पर तीखे सवाल उठाए हैं।
भाजपा का दावा: विकास की ऐतिहासिक सौगात
विधायक अर्चना चिटनिस ने प्रेस वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रेणुका कृषि उपज मंडी हेलीपेड से नेहरू स्टेडियम तक भव्य रोड शो करेंगे। नेहरू स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में 344.22 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 362.15 करोड़ रुपये के नए कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।
इन परियोजनाओं में जलप्रदाय योजना, सीवरेज नेटवर्क, जिला जेल, सड़क निर्माण, क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 100 बेड वार्ड, औद्योगिक पावरलूम क्लस्टर, सिंचाई परियोजनाएं, स्कूल भवन, पुलिस आवास, स्टेडियम पवेलियन सहित कई विकास कार्य शामिल हैं। विधायक ने कहा कि इससे बुरहानपुर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
कांग्रेस का पलटवार: “पहले जमीनी हकीकत देखिए”
वहीं कांग्रेस नेता अजयसिंह रघुवंशी ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में टूटी सड़कें, दूषित पेयजल, गंदगी, अधूरी योजनाएं और भ्रष्टाचार की जांच लंबित है। रघुवंशी ने कहा कि जल आवर्धन योजना और अमृत योजना विफल रही हैं, केला किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिला, खाद की कमी है और ताप्ती नदी में नालों का गंदा पानी गिर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विकास हुआ है तो मुख्यमंत्री का रोड शो उन क्षेत्रों से क्यों नहीं निकाला जा रहा जहां बदहाल सड़कें और अधूरी परियोजनाएं दिखाई देती हैं।
सियासी माहौल गरम
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर एक ओर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है और भव्य स्वागत की तैयारियां चल रही हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे “विज्ञापन आधारित विकास” बताकर सवाल उठा रही है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के दौरे और मंच से होने वाली घोषणाएं इस सियासी घमासान को शांत करती हैं या बुरहानपुर की राजनीति को और गरमाती हैं।