Edited By meena, Updated: 18 May, 2026 06:15 PM

मध्यप्रदेश में कैबिनेट में विस्तार की तैयारियों शुरु हो चुकी है। मॉनसून से पहले कैबिनेट में कई नए चेहरों की एंट्री तो कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। इसके लिए उनकी परीक्षा शुरु हो चुकी है...
भोपाल : मध्यप्रदेश में कैबिनेट में विस्तार की तैयारियों शुरु हो चुकी है। मॉनसून से पहले कैबिनेट में कई नए चेहरों की एंट्री तो कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। इसके लिए उनकी परीक्षा शुरु हो चुकी है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की छुट्टी होना लगभग तय है। इसी कड़ी में आज डॉ मोहन सरकार के मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की। इसके बाद भाजपा संगठन की नाराजगी साफ नजर आई। कुछ मंत्रियों का परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड बेहद खराब आया है तो कइयों की तारीफ भी हुई है। बेहतर काम करने वाले मंत्रियों की जहां पीठ थपथपाई गई है, वहीं विवादित मंत्रियों को संगठन की ओर से कड़ी फटकार लगी है।
इन मंत्रियों के काम की हुई तारीफ
अपने विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को सीएम मोहन यादव व संगठन के तारीफ की है। इनमें मुख्य नाम कुछ तरह है
- राजेंद्र शुक्ला स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए प्रयोग और पीपीपी (PPP) मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत की सराहना।
- मंत्री चेतन कश्यप की भी प्रदेश में निवेश के लिए बेहतरीन कार्यों के लिए जमकर तारीफ हुई।
- राज्य में बेहतर कार्य और सड़कों के बिछे जाल को लेकर मंत्री राकेश सिंह की जमकर तारीफ हुई, हालांकि ’90 डिग्री ब्रिज’ को लेकर हल्की चर्चा भी हुई।
- पंचायत सशक्तिकरण और ‘पेसा एक्ट’ (PESA Act) के जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के लिए मंत्री प्रहलाद पटेल के काम की सराहना भी हुई।
- शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्यों खासकर 10वीं और 12वीं के बेहतर परीक्षा परिणामों को लेकर मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की तारीफ हुई।
- राष्ट्रवाद की दिशा में बेहतर संगठन और विभागीय कार्यों के लिए धर्मेंद्र लोधी को तारीफ मिली।
खराब परफॉर्मेंस के लिए इन मंत्रियों को लगी फटकार
अपने विभागीय कामों, सार्वजनिक तौर पर घटिया बयानबाजी और विवादों से घिरे मंत्रियों को सीएम मोहन यादव व संगठन ने जमकर फटकार लगाई। सूत्रों के मुताबिक, इन मंत्रियों की क्लास लगी है।
- विवादित बयानों में सबसे पहला नाम मंत्री विजय शाह का है। जिन्हें कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर देश दुनिया में किरकिरी कराने के लिए विजय शाह से हाईकमान नाराज नजर आया।
- वहीं दूसरे नंबर पर मंत्री प्रतिमा बागरी रही। जिनके भाई का नाम गांजा तस्करी में आया था। इसके साथ ही अपने ही गृह जिले में स्थिति न संभाल पाने के कारण संगठन ने नाराजगी जताई है।
- नागर सिंह चौहान का रिपोर्ट कार्ड भी कुछ खास नहीं रहा। उनके खिलाफ लगातार क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार और जिले व क्षेत्रवासियों की नाराजगी की गंभीर शिकायतें मिल रही है।
- जल जीवन मिशन को लेकर विभाग की असफलता और सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर मंत्री संपतिया उइके से भी संगठन और राज्य सरकार ने नाराजगी जताई है।
- खाद-बीज के संकट को लेकर किसानों की भारी नाराजगी और क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मामलों को लेकर मंत्री एदल सिंह कंसाना को भी जमकर फटकार लगी।
- राज्य में गेहूं खरीदी को लेकर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का भी अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा। बारदानों की कमी और मंडियों में किसानों की लंबी लाइनें व अव्यवस्था की वजह से उन्हें भी राज्य सरकार की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
- नारायण सिंह पंवार जिन्होंने संगठन से नाराज होकर इस्तीफा देने की बात कही थी। उनपर भी सीएम मोहन औस संगठन ने कड़ी फटकार लगाई है। इसके अलावा, कुछ वरिष्ठ मंत्रियों की भी क्लास लगी क्योंकि वे अपने राज्य मंत्रियों को पर्याप्त काम नहीं सौंप रहे हैं और न ही उनसे काम करवा रहे।