Edited By Desh Raj, Updated: 14 Jun, 2026 03:11 PM

छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले एक बड़ी कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई के बाद हंड़कंप है। दरअसल यहां पर एक प्रधान आरक्षक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को तत्काल...
(जांजगीर-चांपा): छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले एक बड़ी कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई के बाद हंड़कंप है। दरअसल यहां पर एक प्रधान आरक्षक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से संस्पेड कर दिया गया है। रमेश त्रिपाठी पर जमीन में कब्जा दिलाने के एवज में ग्रामीण से पैसे लेने का आरोप है और इसी के चलते SP ने ये बड़ा एक्शन लिया है।
जानकारी के अनुसार, चौकी पंतोरा के एक आवेदक ने शिकायत की थी कि उसकी विवादित भूमि के मामले में मदद करने और कब्जा दिलाने के नाम पर प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी पैसों की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक प्रधान आरक्षक बिना पैसे दिए मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कह रहा था।
पंतोरा थाना बलौदा क्षेत्र के रहने वाले विकाश देवांगन ने शिकायत देकर कहा था कि पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी ने जमीन में कब्जा दिलाने का भरोसा दिया था। इस काम के एवज में उनसे 40,000 की रकम ली थी। इस दौरान प्रधान आरक्षक का पैसे लेते वीडियो भी सामने आया था।
इस गंभीर मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो हलचल मची और पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय को दी गई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तथ्यों के आधार पर प्रधान आरक्षक के खिलाफ निलंबिन कार्रनाई के आदेश जारी कर दिए।
निलंबन के बाद प्रधान आरक्षक को रक्षित केंद्र जांजगीर संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान आरोपी को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की ही पात्रता रहेगी। लिहाजा ये SP की एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।