Edited By meena, Updated: 10 Feb, 2026 06:51 PM

छतरपुर में जिला कोषालय अधिकारी (DTO) विनोद श्रीवास्तव अपनी गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती लगाकर घूमते पाये गए। जहां यह कृत्य केंद्र सरकार द्वारा 2017 में वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए बनाए गए नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है...
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर में जिला कोषालय अधिकारी (DTO) विनोद श्रीवास्तव अपनी गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती लगाकर घूमते पाये गए। जहां यह कृत्य केंद्र सरकार द्वारा 2017 में वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए बनाए गए नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर बत्ती हटवाई और 500 रुपए का चालान काटा। DTO की गाड़ी पर लगी यह विशेष बत्ती शहर और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारी इस बत्ती का उपयोग सड़क पर अपना प्रभाव दिखाने के लिए करते थे। कलेक्टर कार्यालय में अन्य किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के वाहन पर लाल-नीली बत्ती नहीं लगी है, जिससे जिला कोषालय अधिकारी के इस कृत्य पर सवाल उठ रहे थे।
कहा था- स्पेशल परमिशन ली है
इस संबंध में जब जिला कोषालय अधिकारी विनोद श्रीवास्तव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि जिस एजेंसी से गाड़ी खरीदी थी, वहां के कर्मचारियों ने उन्हें 'स्पेशल परमिशन' होने की बात कही थी, जिसके बाद उन्होंने यह बत्ती लगा ली थी। मामले की जानकारी मिलने पर SDM, तहसीलदार और RTO विभाग के कर्मचारी कलेक्टर परिसर पहुंचे। उन्होंने DTO को बुलाकर उनके सामने ही गाड़ी से बत्ती निकलवाई।

बत्ती जब्त कर किया चालान
RTO विभाग ने बत्ती जब्त करते हुए गाड़ी का 500 रुपए का चालान काटा और भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत दी। बताया कि केंद्र सरकार ने 2017 में वीआईपी कल्चर को समाप्त करने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया था, जिसके तहत केवल एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही विशेष बत्ती लगाने की अनुमति है।
प्रोटोकॉल में शामिल नहीं
प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने निजी या शासकीय वाहनों पर ऐसी बत्ती लगाने की इजाजत नहीं है। जिला कोषालय अधिकारी का पद प्रोटोकॉल सूची में शामिल नहीं है।