Edited By meena, Updated: 15 Sep, 2026 07:28 PM

डबरा जनपद पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि के वितरण को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है...
डबरा (भरत रावत) : डबरा जनपद पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि के वितरण को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष समेत 10 निर्वाचित सदस्यों ने राशि के वितरण में कथित भेदभाव और मनमानी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि डबरा जनपद की 68 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि का लाभ सभी क्षेत्रों को समान रूप से नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि पिछले कई वर्षों से कुछ चुनिंदा पंचायतों में ही विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि उनके निर्वाचित क्षेत्रों में काम नहीं होने से उन्हें जनता के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।जनप्रतिनिधियों ने डबरा एसडीएम नवकरण कौर से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी और 48 घंटे में समाधान नहीं होने पर आंदोलन तथा सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है।
डबरा जनपद पंचायत में 15वें वित्त आयोग और अन्य वित्तीय मदों से मिलने वाली विकास राशि के वितरण को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष वृंदावन बघेल समेत रामेश्वर तिवारी, मेहताब सिंह गुर्जर, लाखन सिंह बोल, सावित्री परिहार, रामराजा गुर्जर, रेजना भदौरिया, रचना सैन, भारती गुर्जर और रानी आदिवासी समेत 10 सदस्यों ने प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि डबरा जनपद क्षेत्र में कुल 68 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन विकास राशि के वितरण में सभी क्षेत्रों को समान अवसर नहीं मिल रहा। उनका दावा है कि देवगढ़ सहित कुछ चुनिंदा पंचायतों में ही राशि और विकास कार्यों का अधिक लाभ पहुंचा है।जनपद सदस्यों का कहना है कि वे जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, लेकिन उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं होने के कारण उन्हें अपने ही मतदाताओं के सामने जवाब देना मुश्किल हो रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी से समस्या को लेकर चर्चा करने पर उनके साथ कथित तौर पर उचित व्यवहार नहीं किया जाता और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। वहीं जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और वित्तीय वितरण की पारदर्शिता की मांग की है।
इसी मांग को लेकर 10 जनपद सदस्य डबरा की नई एसडीएम नवकरण कौर से मिलने पहुंचे। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक उन्होंने एसडीएम के सामने अपनी पूरी समस्या रखी, लेकिन उन्हें बताया गया कि जनपद पंचायत के आंतरिक प्रशासन और 15वें वित्त आयोग की राशि के वितरण का मामला सीधे उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। एसडीएम ने जनप्रतिनिधियों से आवेदन लेकर उसे जिला पंचायत सीईओ, कलेक्टर और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजने की बात कही है।