Edited By Vikas Tiwari, Updated: 12 Feb, 2026 02:30 PM

प्रदेश की सियासत में इन दिनों ‘मूसा गैंग’ की दस्तक और एक विधायक के लापता होने की खबर ने हलचल मचा दी है। बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल पिछले एक महीने से अंडरग्राउंड हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसके बाद से वे और उनका...
भोपाल: प्रदेश की सियासत में इन दिनों ‘मूसा गैंग’ की दस्तक और एक विधायक के लापता होने की खबर ने हलचल मचा दी है। बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल पिछले एक महीने से अंडरग्राउंड हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसके बाद से वे और उनका परिवार लगातार डर और चिंता में जी रहे हैं।
जान का खतरा, क्षेत्र में उपद्रव की धमकी
विधायक प्रदीप पटेल ने भावुक होते हुए कहा कि मूसा गैंग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रही थी और क्षेत्र में उपद्रव कराने की साजिश रची जा रही थी। इसी भय के कारण उन्हें छिपने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी और सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।
अपनी ही पार्टी से नाराजगी
विधायक पटेल ने खुलकर कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पार्टी के किसी बड़े नेता ने उनका हाल-चाल नहीं लिया। उन्होंने बताया कि घटना के दिन तक उनका फोन चालू था, लेकिन किसी ने संपर्क नहीं किया। उनका कहना है कि यदि फोन बंद भी होता, तो संगठन या प्रशासन अन्य माध्यमों से संपर्क कर सकता था।
खंडेलवाल का बयान: ‘विधायक की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी और सरकार दोनों इस मामले को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि संगठन लगातार विधायक से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उनका फोन बंद आ रहा है। खंडेलवाल ने कहा कि विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित करना पार्टी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सड़कों पर दिखी ‘मूसा’ लिखी गाड़ी
इसी बीच, मंगलवार 10 फरवरी की रात रीवा में ‘Musa’ लिखी एक सफेद कार सड़कों पर घूमती नजर आई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सतना नंबर की कार को जब्त कर लिया। जांच में सामने आया कि कार ड्राइवर का नाम अंतेश था। एएसपी रंजीव पाठक के मुताबिक, ड्राइवर ने दावा किया कि वह दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक है, इसलिए उसने गाड़ी पर ‘Musa’ लिखवाया था।
प्रदेश में बढ़ती गैंग गतिविधियों पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अब सबकी नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।