Edited By Himansh sharma, Updated: 31 May, 2026 06:00 PM

मध्यप्रदेश की राजनीति में अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं।
शिवपुरी। मध्यप्रदेश की राजनीति में अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार विवाद की वजह उनका वह बयान बना है, जिसमें उन्होंने कभी चंबल अंचल में आतंक का पर्याय रहे 15 लाख रुपये के इनामी डकैत राम बाबू गड़रिया को अपना “भाई” बताते हुए उसकी खुलकर प्रशंसा की।
अहिल्याबाई होल्कर जयंती के अवसर पर पिछोर में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में विधायक प्रीतम लोधी ने मंच से कहा कि राम बाबू गड़रिया उनके सुख-दुख का साथी था और उन्होंने हमेशा उसका साथ दिया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दौरान मंच पर रखी राम बाबू गड़रिया की तस्वीर पर भी उन्होंने माल्यार्पण किया। विशेष बात यह रही कि उसी मंच पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर भी रखी गई थी, जिसके साथ डकैत की तस्वीर पर माल्यार्पण किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
राम बाबू गड़रिया का नाम चंबल और आसपास के इलाकों में अपराध की दुनिया का बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। उस पर हत्या, लूट, अपहरण और फिरौती समेत 100 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड में उसे ‘टी-1’ श्रेणी का सबसे वांछित डकैत माना गया था। कई सामूहिक हत्याओं और हाई-प्रोफाइल अपहरण कांडों में भी उसका नाम सामने आया था।
विधायक के बयान और मंच पर डकैत की तस्वीर को सम्मान दिए जाने की घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या समाज के कार्यक्रमों में ऐसे अपराधियों का महिमामंडन उचित है, जिनका नाम वर्षों तक कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना रहा। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले पर भाजपा संगठन और विपक्ष किस तरह की प्रतिक्रिया देता है।संवाद से ज्यादा विवाद पैदा करने वाले बयान अक्सर राजनीति में चर्चा बटोरते हैं, लेकिन इस बार प्रीतम लोधी का बयान अपराध और सामाजिक सम्मान की सीमाओं पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।