सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी करेंगे BJP के विधायक, कांग्रेस बोली- जहां तो गरीबों के हक को छोड़ दो

Edited By Himansh sharma, Updated: 30 May, 2026 11:07 AM

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छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना इस समय राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना इस समय राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। मामला बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू के 31 मई को होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर विवाह करने को लेकर गरमा गया है। इस निर्णय ने जहां एक ओर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर योजना की पात्रता और उद्देश्य पर भी सवाल खड़े कर दिए गए हैं।

कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा है। बैज का कहना है कि यह योजना मूल रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाई गई है, ऐसे में एक जनप्रतिनिधि का इसमें शामिल होना योजना की भावना के विपरीत है।

विधायक का पक्ष

वहीं, भाजपा विधायक दीपेश साहू ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि योजना में पात्रता का आधार दुल्हन का परिवार बीपीएल श्रेणी में होना है, न कि वर का सामाजिक या राजनीतिक दर्जा। उन्होंने बताया कि उनकी होने वाली पत्नी बीपीएल परिवार से आती हैं, इसलिए उनका विवाह इस योजना के तहत पूरी तरह नियमों के अनुरूप है। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की है कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को वे मेधावी छात्राओं की शिक्षा के लिए समर्पित करेंगे।

सरकार का समर्थन

इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पर इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे सादगी, सामाजिक समरसता और जनकल्याणकारी सोच का प्रेरक उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम विवाह जैसे संस्कार को आडंबर से हटाकर सामाजिक सहभागिता और सरलता से जोड़ने का संदेश देता है।

कार्यक्रम का स्वरूप

जानकारी के अनुसार, बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कुल 24 जोड़ों का विवाह संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव सहित कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रहेंगे।

पहली बार विधायक की एंट्री

प्रदेश में यह पहला अवसर होगा जब कोई विधायक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विवाह करेगा। इसी कारण यह आयोजन केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। यह मामला अब केवल एक विवाह नहीं रहा, बल्कि योजना की परिभाषा, पात्रता और राजनीतिक नैतिकता पर एक नई बहस का रूप ले चुका है।

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