Edited By Vandana Khosla, Updated: 02 Jun, 2026 03:06 PM

भोपालः मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी कलह और नेताओं के बयानों को लेकर अब सियासत गरमा गई है। भाजपा संगठन ने अपनी ही सरकार के खिलाफ विवादित बयान देने वाले पार्टी के तीन विधायकों पर कड़ा रुख अपना लिया है। इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता और...
भोपालः मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी कलह और नेताओं के बयानों को लेकर अब सियासत गरमा गई है। भाजपा संगठन ने अपनी ही सरकार के खिलाफ विवादित बयान देने वाले पार्टी के तीन विधायकों पर कड़ा रुख अपना लिया है। इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का बड़ा बयान सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा संगठन इन दिनों पार्टी के तीन विधायकों गुना से पन्नालाल शाक्य, आलोट से चिंतामणि मालवीय और पिछोर से प्रीतम लोधी से बेहद नाराज है। दरअसल, इन नेताओं का विवादित बयान लगातार सामने आने के बाद संगठन सख्त हुआ है। बताया जा रहा है कि संगठन जल्द ही इन तीनों नेताओं को भोपाल तलब कर सकता है। सूत्रों की मानें तो प्रीतम लोधी और पन्नालाल शाक्य ने प्रदेश में बिजली कटौती और अन्य मुद्दों पर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। ऐसे में भाजपा संगठन इन नेताओं से लिखित या मौखिक जवाब-तलब करने की तैयारी में जुटा है।
इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने नेताओं को एक बड़ी नसीहत दी है। उनका कहना है कि “हमें यह भी देखना चाहिए कि एक पिता अपने बेटे को घर से निकालने के लिए कितना इंतजार करता है और उसे सुधारने के कितने मौके देता है। हर व्यक्ति की अपनी भावनाएं और जमीनी नाराजगी होती है, और उसी आक्रोश के कारण कभी-कभी ऐसे बयान सामने आ जाते हैं।”
वरिष्ठ नेता सोलंकी ने केवल संगठन को ही नहीं, बल्कि नाराज विधायकों को भी अनुशासन का पाठ पढ़ाया। कहा कि जनभावनाएं अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी की मूल विचारधारा के साथ चलना और खुद की वाणी पर नियंत्रण रखना हर कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के लिए सबसे पहली जिम्मेदारी है।