दिल्ली से कांग्रेस जिला अध्यक्षों को कड़े निर्देश, हर 3 महीने में होगी काम की समीक्षा, प्रदर्शन में फेल हुए तो जाएगा पद

Edited By Desh Raj, Updated: 11 Feb, 2026 08:13 PM

the work of congress district presidents will be reviewed every three months

छतीसगढ़ कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की दिशा में अहम काम करने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व एक्टिव हो चुका है । दरअसल दिल्ली में पिछले दिनों हुई बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्षों को अहम निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों को तहत पार्टी के...

(रायपुर): छतीसगढ़ कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की दिशा में अहम काम करने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व एक्टिव हो चुका है । दरअसल दिल्ली में पिछले दिनों हुई बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्षों को अहम निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों को तहत पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के काम की समीक्षा अब हर तीन महीने में की जाएगी और उसके आधार पर ही उनका मूल्यांकन होगा। प्रदर्शन के आधार पर उन्हें ग्रीन, यलो और रेड तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा।

 हर तीन महीने में की जाएगी कांग्रेस जिला अध्यक्षो ंके काम की समीक्षा

जानकारी के मुताबिक  Congress District President Meeting में राजधानी दिल्ली में बीतें दिनों एक बैठक  आयोजित हुई थी। इसी बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्षों को अहम निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद कांगेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इसकी जानकारी दी है।

ग्रीन, रेड और यलो  केटेगिरी में रखा जाएगा जिला अध्यक्षों का प्रदर्शन

दीपक बैज ने जानकारी देते हुए बताया है कि जिन जिला अध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक रहेगा, उन्हें ग्रीन कैटेगरी में रखा जाएगा और ये बढिया काम होगा। औसत प्रदर्शन करने वालों को यलो कैटेगरी मिलेगी। वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाले अध्यक्षों की कैटेगरी रेड होगी और ये सेफ नहीं मानी जाएगी।

दीपक बैज ने कहा कि  रेड कैटेगरी में आने वाले जिला अध्यक्षों को सुधार का मौका दिया जाएगा और काम परफारमेंस सुधारने का अवसर दिया जाएगा लेकिन इसके बाद भी यदि कामकाज में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें पद से बदला जा सकता है। इस तरह से जिला अध्यक्ष तीन केटेगिरी में रखे जाएंगे और काम के आधार पर उनके काम का मूल्यांकन किया जाएगा।

दरअसल दिल्ली में इंदिरा भवन में कांग्रेस के नवनियुक्त जिला और शहर अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था । इसमें कई राज्यों के अध्यक्ष शामिल हुए और शीर्ष नेतृत्व ने साफ कहा कि जिलाध्यक्ष ही संगठन की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी अगुवाई में संगठन को मजबूत किया जाना चाहिए और काम की समीक्षा होनी चाहिए।

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