Edited By meena, Updated: 10 Feb, 2026 12:00 PM

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम कालापीपल से लसूडिया जोड़ तक लगभग 80 लाख रुपए की लागत...
सीहोर (धर्मेंद्र राय) : मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम कालापीपल से लसूडिया जोड़ तक लगभग 80 लाख रुपए की लागत से तैयार की जा रही डामर सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों को दरकिनार कर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर सड़क की परत को हाथों से उखाड़कर दिखाया। उनका कहना है कि डामर इतनी कमजोर और पतली है कि बिना किसी औजार के ही परत उखड़ रही है। जिस सड़क को वर्षों तक भारी वाहनों का दबाव झेलना चाहिए, वह शुरुआत में ही बिखरती नजर आ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में बेस मजबूत किए बिना सीधे मिट्टी पर डामर बिछा दिया गया। मिश्रण में डामर और केमिकल की मात्रा भी बेहद कम बताई जा रही है, जिससे सड़क की पकड़ ढीली पड़ गई है। मौके के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

इतने बड़े स्तर पर लापरवाही बिना विभागीय निगरानी के संभव नहीं। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से जनता के टैक्स के पैसों पर पानी फेरा जा रहा है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ कागजी काम हो रहा है, जमीनी हकीकत में “विनाश” दिखाई दे रहा है। इधर, इछावर एसडीएम स्वाति मिश्रा ने कहा है कि मामला संज्ञान में आया है और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।