Edited By Desh Raj, Updated: 14 Apr, 2026 11:27 PM

छतीसगढ़ में एक राजनीतिक लडाई आगे बढ़ती दिख रही है। विवाद भाजपा विधायक के जाति प्रमाण पत्र को लेकर है जो अब गहराता जा रहा है। दरअसल सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र (caste certificate dispute) की वैधता को लेकर सवाल लगातार उठते जा...
(अंबिकापुर): छतीसगढ़ में एक राजनीतिक लडाई आगे बढ़ती दिख रही है। विवाद भाजपा विधायक के जाति प्रमाण पत्र को लेकर है जो अब गहराता जा रहा है। दरअसल सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र (caste certificate dispute) की वैधता को लेकर सवाल लगातार उठते जा रहे हैं।मामले में जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक बिहारी लाल तिर्की ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि विधायक का जाति प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया शुरू से ही संदिग्ध रही है। तिर्की ने कहा कि इसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं हैं।
जाति प्रमाण पत्र 19 सितंबर 2023 को जारी-तिर्की
बिहारी लाल तिर्की ने कहा है कि यह जाति प्रमाण पत्र 19 सितंबर 2023 को एसडीएम लैलूंगा कार्यालय से जारी हुआ है। जबकि 21 अक्टूबर 2023 को जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति, रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई गई थी। वहीं विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से जल्द कार्रवाई के लिए मामला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका के जरिए प्रस्तुत किया गया। हाईकोर्ट ने जिला स्तरीय समिति को इसके बारे में जांच निर्देश दिए थे, लेकिन गौर करने वाली बात है कि लगभग 2 वर्षों तक कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
साल 2026 में मामले में फिर से रिट याचिका दायर की गई। अब न्यायालय ने 2 अप्रैल 2026 को आदेश जारी किए हैं और संबंधित समिति को 90 दिनों मे जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बिहारी लाल तिर्की का कहना है कि इस मामले में कई तथ्य ऐसे हैं, जिन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।
रामकुमार टोप्पो बोले- ये छवि धूमिल करने की कोशिश
वहीं मामले पर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि जब से वो चुनाव लड़ रहे थे, तब से लोग हाईकोर्ट में मामला लगाए थे। हाई कोर्ट ने जिला जाति सत्यापन समिति को जांच के निर्देश दिए हैं। अभी तक वे कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं। ये क्षवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा मामले अब मामला गहराता जा रहा है।