Edited By meena, Updated: 05 Feb, 2026 05:36 PM

कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने बृहस्पतिवार को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा किया जाए...
नई दिल्ली/भोपाल : कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने बृहस्पतिवार को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा किया जाए। एनएसए केंद्र और राज्यों को व्यक्तियों को "भारत की रक्षा के लिए प्रतिकूल" तरीके से कार्य करने से रोकने के लिए हिरासत में लेने का अधिकार देता है। इसके तहत अधिकतम हिरासत अवधि 12 महीने है, हालांकि इसे पहले भी रद्द किया जा सकता है।
तन्खा ने वांगचुक की रिहाई की मांग करते हुए गृह मंत्री को लिखे पत्र में कहा, ''वह भारत में सांस लेते हैं, भारत के बारे में सोचते हैं और भारत के लिए जीते हैं।'' वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। इसके दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में चार लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। वांगचुक फिलहाल जोधपुर केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, ''भारत में कोई भी यह नहीं मानता कि वांगचुक एनएसए के तहत कारावास के हकदार हैं। वह जलवायु परिवर्तन और पिघलते ग्लेशियरों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।'' तन्खा ने कहा, ''लद्दाख एक सीमावर्ती राज्य है। लद्दाख के लोग भारतीय सेना की सबसे बड़ी पूंजी हैं।'' पत्र में उन्होंने कहा कि जेल में बंद कार्यकर्ता लद्दाखी समाज और पूरे देश में व्यापक रूप से सम्मानित और प्रभावशाली व्यक्ति हैं। मध्य प्रदेश से कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य तन्खा ने कहा, ''समय आ गया है कि भारत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी हिरासत की समीक्षा करे। एक गलतफहमी को उस हद तक नहीं बढ़ाया जाना चाहिए जहां यह पूरे क्षेत्र की 'आत्मा' को गहरी चोट पहुंचाए।" उन्होंने कहा कि वांगचुक ईमानदारी, नवीनता और निस्वार्थ सेवा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु कार्यकर्ता का न केवल लद्दाख में गहरा सम्मान है बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका सम्मान किया जाता है।