Edited By Vikas Tiwari, Updated: 07 Jun, 2026 07:45 PM

CM मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में 12 से 18 जून 2026 के बीच प्रत्येक विकासखंड एवं नगरीय निकाय मुख्यालय पर तीन दिवसीय ‘जनकल्याण शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र नागरिकों को लाभ पहुंचाना...
भोपाल: CM मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में 12 से 18 जून 2026 के बीच प्रत्येक विकासखंड एवं नगरीय निकाय मुख्यालय पर तीन दिवसीय ‘जनकल्याण शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र नागरिकों को लाभ पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार शिविरों में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र लेकिन वंचित लाभार्थियों की पहचान कर उनका पंजीयन, स्वीकृति एवं लाभ वितरण प्राथमिकता से किया जाएगा। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए भी आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण किया जाएगा। राज्य सरकार ने सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को शिविरों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए हैं। शिविरों में कलेक्टर, जिला स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर योजनाओं, सेवाओं, शिकायतों और लंबित प्रकरणों का परीक्षण करेंगे तथा यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करेंगे।
अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों का पंजीयन एवं निराकरण सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के विशेष मॉड्यूल के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों को शिविरों की कार्ययोजना, तिथियां और नोडल अधिकारियों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। शिविरों में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित प्रकरणों, राजस्व मामलों और अन्य जनशिकायतों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पंजीयन और सेवा वितरण की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं की प्रदर्शनी, हितग्राही संवाद, सफलता की कहानियों का प्रस्तुतीकरण और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल, छाया और स्वच्छता जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवेदकों को जानकारी दी जाएगी तथा प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। जिला कलेक्टरों को शिविरों के सफल आयोजन, विभागीय समन्वय और समयबद्ध निराकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।